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अभूतपूर्व कोयला संकट से निपटने पटरी पर दौड़ी 237 डिब्बों वाली मालगाड़ी


देश इन दिनों भीषण कोयले के संकट के दौर से गुजर रहा है.कोयले के संकट के चलते बिजली के उत्पादन पर इसका असर पड़ रहा है.इस संकट पर विजय हासिल करने के लिए युद्ध स्तर पर शुरू प्रयासों के बीच दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे ने 237 डिब्बों की मालगाड़ी को पटरी पर दौड़ाया है.छत्तीसगढ़ के कोरबा से राज्य के ही दुर्ग तक इस खास मालगाड़ी को दौड़ाया गया.जिसे देख कर हर कोई दंग रह गया.कोयले के ही साथ माल ढुलाई के लिए रेल्वे एक अहम जरिया है.बिजली उत्पादन केन्द्रों पर रेल्वे के जरिये ही मालढुलाई की जाती है.मौजूदा कोयले के संकट से निपटने और केन्द्रों पर कम समय में अधिक से अधिक कोयला एक साथ पहुंचाने  के लिए यह प्रयोग किया गया.इस खास मालवाहक ट्रेन को 'सुपर शेषनाग' नाम दिया गया.चार इंजन के साथ पटरी पर दौड़ने वाली इस मालगाड़ी में एक समय पर 16 हजार टन कोयले की सप्लाई की गई.बताया गया की आने वाले समय में नागपुर और विदर्भ के बिजली उत्पादन केन्द्रो पर भी इसी खास टमालगाड़ी के जरिये कोयले की आपूर्ति की जाने वाली है.