अमरावती में आरटीओ शुरू करेगा अपंजीकृत ई बाइक पर कार्रवाई
अमरावती- पेट्रोल और डीजल के विकल्प के रूप में बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक बाइक बाजार में आई हैं। लेकिन बहुत से लोग आरटीओ में रजिस्ट्रेशन किये बगैर ही बाइक चला रहे है । दरअसल, 25 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से चलने वाले वाहनों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। इसलिए अब रजिस्ट्रेशन नहीं कराने वाले ई-बाइक अब आरटीओ जब्त कर करेगा ।
अमरावती शहर में केवल 6 ई-बाइक डीलर आरटीओ की अनुमति के साथ हैं और लगभग 15 से 20 डीलर अनधिकृत हैं। इस तरह वेंडर भी आरटीओ के रडार पर हैं। उनकी बाइक भी जब्त की जाएगी। ये कार्रवाई सोमवार से शुरू जाएगी। पर्यावरण के अनुकूल नीति को लागू करने की दृष्टि से सरकार ने 2011 में इलेक्ट्रिक वाहन नीति लागू की है। हालांकि, पिछले एक साल में ई-बाइक की संख्या में इजाफा हुआ है। इस बीच 250 वॉट से कम और 25 किमी प्रति घंटे से अधिक की गति से चलने वाले वाहनों को आरटीओ के साथ पंजीकृत होने की आवश्यकता नहीं है। यदि बैटरी की गति 25 से अधिक है और क्षमता 250 वॉट से अधिक है, तो आरटीओ संबंधित वाहन के केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के अनुसार उनसे प्राप्त प्रमाण पत्र के आधार पर वाहनों का पंजीकरण करेगा। साथ ही ऐसे वाहनों को पंजीकरण शुल्क से छूट दी गई है।
हालांकि पिछले कुछ दिनों में शहर और जिले में कुछ ऐसी ई-बाइक बिक रही हैं जिनका कहीं रजिस्ट्रेशन नहीं है.आरटीओ के सर्वेक्षण से पता चला है कि कुछ ई-बाइक में एक ही बटन के साथ समान गति बढ़ाने वाला सिस्टम है और साथ ही 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति ( स्पीड ) की क्षमता है । ऐसे अवैध परिवर्तन कर वाहनों की बिक्री से हादसों का खतरा बढ़ गया है। साथ ही वाहन में आग लग सकती है और गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं। इसलिए ई-बाइक केवल उन्हीं विक्रेताओं से खरीदी जानी चाहिए जिनके पास परिवहन आयुक्त से अनुमति जरूरी है। अमरावती में अब तक 1 हजार 121 ई-बाइक का पंजीयन हो चुका है सोमवार से आरटीओ अवैध और अपंजीकृत ई-बाइकर्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू करेगा। आरटीओ की अनुमति के बिना अवैध ई-बाइक बेचने वाले विक्रेताओं की तलाश शुरू कर दी है.
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