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Nagpur

ओबीसी के राजनीतिक आरक्षण विवाद के जनक फडणवीस- अतुल लोंढे


नागपुर- ओबीसी के राजनीतिक आरक्षण के विषय में मध्य प्रदेश के परिप्रेक्ष्य में निर्णय होने के बाद भाजपा राज्य सरकार पर हमलावर हो गई है,भाजपा के कई नेताओं ने राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार के नेताओं पर हमला बोला है.फडणवीस ने राज्य सरकार को ओबीसी के राजनीतिक आरक्षण की हत्या किये जाने का आरोप लगाया है.फडणवीस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता अतुल लोंढे  ने उन्हें ही ओबीसी के राजनीतिक आरक्षण को लेकर उभरे विवाद की जड़ करार दिया है.लोंढे ने कहाँ कि वर्ष 2017 में नागपुर जिला परिषद का कार्यकाल ख़त्म होने के बाद फडणवीस के मुख्यमंत्री रहते हुए एक जीआर निकाला जाता है जिस वजह से कार्यकाल 2 वर्ष तक बढ़ता है.इस तरह का जीआर निकाले जाने का अधिकार सरकार के पास नहीं होता है बावजूद इसके ऐसा होता है.इसलिए राज्य की अन्य जिला परिषद के सदस्य अदलात जाते है और यह न्यायालयीन प्रकरण शुरू होता है.लोंढे ने सरकार का बचाव करते हुए कहाँ की फडणवीस ने खुद केंद्र सरकार के इम्पीरिकल डेटा की माँग की थी अगर वही डेटा मौजूदा राज्य सरकार मांगती है तो इसमें दिक्कत किस बात की.लोंढे ने यह भी कहा की अगर केंद्र सरकार संविधान में संशोधन कर आरक्षण की मर्यादा को ख़त्म कर देती है तो यह सारा विवाद ही ख़त्म हो जायेगा।मध्य प्रदेश के परिप्रेक्ष्य में सुप्रीम कोर्ट द्वारा लिए गए निर्णय पर लोंढे ने कहाँ कि सरकार इस निर्णय का अभ्यास करेंगी।एक हफ़्ते पहले सुप्रीम कोर्ट ने विरोध में फैसला लिया उसके बाद एक हफ्ते के भीतर मध्य प्रदेश सरकार किस तरह से इम्पीरिकल डाटा तैयार कर लेती है इसकी हम समीक्षा करेंगे।