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क्या फिर टलेगा समृद्धि महामार्ग का उद्घाटन? उद्घाटन का समय आया पास, पर काम अभी भी अधूरा


नागपुर:  नागपुर से शिरडी तक नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग के पहले चरण का उद्घाटन 15 अगस्त को किए जाने की घोषणा की गई थी। राज्य में मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम और समृद्धि हाईवे के कुछ पैकेजों में अधूरा होने से उक्त उद्घाटन टल सकता है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 16 जुलाई को मुंबई में एक कार्यक्रम में कहा था कि जल्द ही समृद्धि हाईवे को वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। पहले चरण में नागपुर-शिरडी समृद्धि राजमार्ग को खोलने की योजना है। पर समृद्धि राजमार्ग एक गेम चेंजर है। इस हाईवे का नाम बालासाहेब के नाम पर रखा गया है। शिंदे ने कहा था कि, यह फडणवीस की योजना थी। उन्होंने मुझे जिम्मेदारी दी है और में उसे निभाने की कोशिश कर रहा हूँ।

मुख्यमंत्री शिंदे ने यह भी कहा था कि यह राजमार्ग लोगों के लिए समृद्धि लाएगा और किसान आत्महत्या पर रोक लगाने में सहायक होगा। एमएसआरडीसी पूरे जोरों शोर से प्रकल्प को पूरा करने की कोशिश कर रहे है। हालांकि, राज्य में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम और समृद्धि हाईवे के कुछ पैकेजों में अधूरे काम के चलते आगामी 15 अगस्त की समय-सीमा भी स्थगित होने की संभावना है ?

31 जुलाई 2015 को तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर और मुंबई के बीच यातायात को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से विधान सभा में 701 किलोमीटर समृद्धि राजमार्ग की घोषणा की। यह हाईवे राज्य के 10 जिलों से होकर गुजरता है, लेकिन इससे कुल 24 जिलों को फायदा होगा।नागपुर-मुंबई समृद्धि हाईवे का काम अंतिम चरण में बताया जा रहा है।

सरकार की ओर से 2 से 3 बार इस हाईवे को शुरू करने की तारीखों की घोषणा भी की गई थी। मराठवाड़ा-विदर्भ के विकास और परिवहन, संचार, उद्योग, व्यापार को बढ़ावा देने के लिए यह एक महत्वपूर्ण  परियोजना है। 

फिलहाल मुंबई से नागपुर की दूरी तय करने में करीब 14 घंटे का समय लगता है। यह लगभग 812 किमी की दूरी तय करता है। समृद्धि हाईवे के लॉन्च होने के बाद यह दूरी 700 किमी हो जाएगी और मुंबई से नागपुर की दूरी सिर्फ 8 घंटे में तय करना संभव होगा और महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम इसके लिए निगरानी एजेंसी के रूप में कार्य करेगा।

ये होंगे फायदे

-समृद्धि हाईवे नागपुर और मुंबई के बीच 12 जिलों से होकर गुजरेगा। इसमें नागपुर, वर्धा, अमरावती, यवतमाल, वाशिम, अकोला, बुलढाणा, जालना, औरंगाबाद, अहमदनगर, नासिक, ठाणे और मुंबई का समावेश है।  लगभग 26 तहसीलों और 392 गांवों को यह महामार्ग समृद्धि हाईवे से जोड़ा जाएगा। 

-समृद्धि हाईवे से कुछ नेशनल हाईवे भी जुड़ेंगे। इनमें NH3, NH6, NH7, NH69, NH204, NH211, NH50 शामिल हैं।

-हाईवे की कुल चौड़ाई 120 मीटर होगी। हर तरफ चार के आठ टियर होंगे। सेंट्स कॉरिडोर 22.5 मीटर का होगा, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है।

-प्रस्तावित समृद्धि हाईवे पर गति सीमा 150 किमी प्रति घंटा है। यदि भविष्य में फिर से राजमार्ग में वृद्धि करनी है तो वह प्रावधान पहले ही किया जा चुका है। इसलिए जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा।हाईवे पर होटल, मॉल, क्लीनिक आदि बनाए जाएंगे।

- 50 से ज्यादा फ्लाईओवर, 24 से ज्यादा इंटरचेंज और 5 टनल प्रस्तावित हैं।

- चूंकि यह हाईवे प्राइवेट पार्टनरशिप से बनेगा, इसलिए टोल भी वसूला जाएगा टोल तय की गई दूरी पर आधारित होगा और स्वचालित होगा।

- इस महामार्ग पर एक रनवे बनने जा रहा है जहां युद्ध या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में विमान हाईवे पर उतारा जा सकेगा। 

-समृद्धि हाईवे रोजगार सृजन का महत्वपूर्ण कार्य होगा। इसमें 25 लाख रोजगार के अवसर मिलने का दावा किया गया है।

इस प्रोजेक्ट पर 60 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च किए जाने वाले है।