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Nagpur

जिस दिन डरना छोड़ दें उस दिन अखंड भारत होगा: मोहन भगवत


नागपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) के सरसंघचालक मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने अखडं भारत (Akhand Bharat) को लेकर विपक्ष पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा, "लोग पूछते हैं कि, अखंड भारत कब होगा, कब होगा। लोग इससे डरते बहुत है। इसलिए अखंड भारत नहीं हुआ है। जिस दिन डरना छोड़ दें उस दिन अखंड भारत हो जाएगा।" रविवार को नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने यह बात कही। 

मतभेद पैदा करने के लिए जातियों की खाई बनाई गई

जाती व्यवस्था पर हमला करते हुए संघ प्रमुख ने कहा, ऐसी कई ऐतिहासिक घटनाएं हुई हैं जो हमें कभी नहीं बताई गईं और न ही सही तरीके से सिखाई गईं। उन्होंने कहा, जिस स्थान पर संस्कृत व्याकरण का जन्म हुआ वह भारत में नहीं है। क्या हमने कभी एक सवाल पूछा क्यों? उन्होंने कहा, हम पहले ही अपने ज्ञान को भूल गए थे, बाद में विदेशी आक्रमणकारियों ने हमारी भूमि पर कब्जा कर लिया। उन्होंने कहा, हममें मतभेद पैदा करने के लिए अनावश्यक रूप से जातियों की खाईं बनाई गई।

बिना जोश के कोई काम नहीं 

संघ प्रमुख ने आगे कहा कि, बिना जोश के कोई काम नहीं होता है। इसलिए कहते हैं युवाओ को यह करना चाहिए। क्योंकि जोश तरुणाई का दूसरा नाम है।" उन्होंने कहा, "जोश को काम में तब्दील करने के लिए दिशा की जरुरत होती है, क्योंकि वह क्षणिक होता है। वहीं कोई काम करवा ने का काम होश करता है। 

हम अहिंसा के पुजारी हैं, दुर्बलता के नहीं

मोहन भागवत ने कहा, भारत को बड़ा बनाना है। इसके लिए हमें डरना छोड़ना होगा। डरना छोड़ेंगे तो भारत अखंड होगा। हम अहिंसा के पुजारी जरूर हैं, लेकिन दुर्बलता के नहीं। उन्होंने कहा, भाषा, पहनावे, संस्कृतियों में हमारे बीच छोटे अंतर हैं, लेकिन हमें इन चीजों में नहीं फंसना चाहिए। उन्होंने कहा, देश की सभी भाषाएं राष्ट्रभाषाएं हैं, विभिन्न जातियों के सभी लोग मेरे हैं, हमें ऐसा स्नेह रखने की जरूरत है।