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वन विभाग ने दी मुगलिया सजा; मछली पकड़ने गए युवकों की गर्म सलाखों से की पिटाई, एक अस्पताल में भर्ती


अमरावती: आदिवासी क्षेत्र मेलघाट से एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां वन विभाग के अधिकारियों पर एक युवक को गर्म छड़ से पिटाई करने का आरोप लगा है। इस पिटाई में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है। जिसे धरणी के उप जिला  अस्पताल में इलाज के लिया भर्ती कराया गया है। यह घटना सामने आते ही लोगों के मन में मुगलों और अंग्रेजो का शासन की याद आ गई। 

मिली जानकारी के अनुसार, धुलघाट रेलवे निवासी अंकुश गोरेलाल मावस्कर, आनंद कसडेकर और पप्पू चव्हाण मछली पकड़ने के लिए वन विभाग के अंतर्गत आने वाले वारी डैम पर गए थे। इसी बीच शाम को टाइगर रिजर्व के अकोट वन्यजीव प्रमंडल के अंतर्गत वन वन क्षेत्र में कार्यरत वन अमले ने मछली पकड़ने के आरोप में तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने जैसे मुग़ल शासन में सजा दी जाती थी उसी तर्ज पर तीनों युवको को लोहे की गर्म सलाखों से जमकर पिटाई की। वन विभाग के इस अमानवीय पिटाई के कारण अंकुश मावस्कर गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे धरणी के उप जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। 

पानी में कूदकर बचाई जान 


इस घंटा की जानकारी देते हुए पीड़ित अंकुश ने जानकारी देते हुए बताया कि, वह रात में अपने दी अन्य दोस्तों के साथ जंगल के तालाब पर मछली पकड़ने गया था। तभी वहां आठ-नौ वन लोग आए और रात में मछली पकड़ने को लेकर मारने लगे। इसी दौरान उनलोगो ने गर्म लोहे की सलाख निकाली और उससे पीटना शुरू आकर दिया। कई बार मारने के बाद मैंने हाथ से गर्म सरिये को पकड़ लिया और तालाब में खुद गया। इसके बाद तैरकर तालाब के किनारे पहुंचा। फिर जंगल के रास्ते अपने घर पहुंचा। 

जिलाधिकारी से की शिकायत 


वन विभाग द्वारा आदिवासी युवकों की बेरहमी से की गई पिटाई को लेकर जनता में बड़ा रोष है। इस घटना को लेकर वन विभाग के अधिकारीयों की शिकायत जिलाधिकारी परणीत कौर से की गई है. साथ ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग किन है।  

पहले भी हो चुकी है घटना 


वन अधिकारियों द्वारा जंगल के आस पास रहने वाले लोगों के साथ इस तरह का अमानवीय कृत करना पहली बार नहीं है। कुछ दिनों पहले ढाकना वन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली हीरापानी नहर में वन विभाग के अधिकारियों शकील नमक किसान को जान से मारने की धमकी दी थी। जिससे घबराकर वह अँधेरा में एक कुएं में गिर गया, जहां डूबने से उसकी मौत हो गई।

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