logo_banner
Breaking
  • ⁕ अमित ठाकरे ने आत्महत्या करने वाली छात्रा आकांशा चतुर्वेदी के परिजनों से की मुलाकात, दिया हर संभव मदद का भरोसा; सीएम देवेंद्र फडणवीस किया प्रहार ⁕
  • ⁕ महायुति सरकार ने किसानों को दी बड़ी राहत, किसान कर्जमाफी योजना की दूसरी किस्त जारी; दो चरणों में 12.58 लाख से ज्यादा किसानों को लाभ ⁕
  • ⁕ ईद-ए-मिलाद से पहले नागपुर पुलिस अलर्ट मोड पर, परिमंडल-4 में दंगा काबू के लिए की गई रिहर्सल और रूट मार्च ⁕
  • ⁕ Amravati: शहर के 90 अस्पतालों को नवीनीकरण के निर्देश, नगर पालिका के बार-बार नोटिस देने के बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई ⁕
  • ⁕ Buldhana: बुलढाणा जिला बैंक में 'सहकार' पैनल की जीत, 21 में से 19 सीटें जीती ⁕
  • ⁕ छात्रों की गूंज पर सियासत तेज, मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया राहुल गांधी का ‘री-लॉन्च कार्यक्रम; छात्रों और इंफ्लुएंसर्स को पैसे देकर बुलाने का किया दावा ⁕
  • ⁕ Akola: महीने भर से बारिश की बेरुखी से सोयाबीन की फसल पर संकट, उत्पादन में 50% से अधिक गिरावट की आशंका ⁕
  • ⁕ Chandrapur: मुस्लिम युवती ने किया श्रीमद्भगवद्गीता का उर्दू अनुवाद, 3 महीने में पूरा किया अनोखा कार्य ⁕
  • ⁕ Nagpur: शराब को लेकर पति-पत्नी में हुआ विवाद, महिला की जान गई; पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Nagpur: 8 साल की बच्ची से कोच ने की छेड़खानी, पुलिस ने आरोपी कोच को किया गिरफ्तार ⁕
Amravati

वन विभाग ने दी मुगलिया सजा; मछली पकड़ने गए युवकों की गर्म सलाखों से की पिटाई, एक अस्पताल में भर्ती


अमरावती: आदिवासी क्षेत्र मेलघाट से एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां वन विभाग के अधिकारियों पर एक युवक को गर्म छड़ से पिटाई करने का आरोप लगा है। इस पिटाई में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है। जिसे धरणी के उप जिला  अस्पताल में इलाज के लिया भर्ती कराया गया है। यह घटना सामने आते ही लोगों के मन में मुगलों और अंग्रेजो का शासन की याद आ गई। 

मिली जानकारी के अनुसार, धुलघाट रेलवे निवासी अंकुश गोरेलाल मावस्कर, आनंद कसडेकर और पप्पू चव्हाण मछली पकड़ने के लिए वन विभाग के अंतर्गत आने वाले वारी डैम पर गए थे। इसी बीच शाम को टाइगर रिजर्व के अकोट वन्यजीव प्रमंडल के अंतर्गत वन वन क्षेत्र में कार्यरत वन अमले ने मछली पकड़ने के आरोप में तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने जैसे मुग़ल शासन में सजा दी जाती थी उसी तर्ज पर तीनों युवको को लोहे की गर्म सलाखों से जमकर पिटाई की। वन विभाग के इस अमानवीय पिटाई के कारण अंकुश मावस्कर गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे धरणी के उप जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। 

पानी में कूदकर बचाई जान 


इस घंटा की जानकारी देते हुए पीड़ित अंकुश ने जानकारी देते हुए बताया कि, वह रात में अपने दी अन्य दोस्तों के साथ जंगल के तालाब पर मछली पकड़ने गया था। तभी वहां आठ-नौ वन लोग आए और रात में मछली पकड़ने को लेकर मारने लगे। इसी दौरान उनलोगो ने गर्म लोहे की सलाख निकाली और उससे पीटना शुरू आकर दिया। कई बार मारने के बाद मैंने हाथ से गर्म सरिये को पकड़ लिया और तालाब में खुद गया। इसके बाद तैरकर तालाब के किनारे पहुंचा। फिर जंगल के रास्ते अपने घर पहुंचा। 

जिलाधिकारी से की शिकायत 


वन विभाग द्वारा आदिवासी युवकों की बेरहमी से की गई पिटाई को लेकर जनता में बड़ा रोष है। इस घटना को लेकर वन विभाग के अधिकारीयों की शिकायत जिलाधिकारी परणीत कौर से की गई है. साथ ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग किन है।  

पहले भी हो चुकी है घटना 


वन अधिकारियों द्वारा जंगल के आस पास रहने वाले लोगों के साथ इस तरह का अमानवीय कृत करना पहली बार नहीं है। कुछ दिनों पहले ढाकना वन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली हीरापानी नहर में वन विभाग के अधिकारियों शकील नमक किसान को जान से मारने की धमकी दी थी। जिससे घबराकर वह अँधेरा में एक कुएं में गिर गया, जहां डूबने से उसकी मौत हो गई।

यह भी पढ़ें: