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क्या चंद्रशेखर बावनकुले बनेंगे भाजपा के नए प्रदेशाध्यक्ष ? चर्चा जोरों पर


नागपुर- राज्य सत्ता फिर से हासिल कर लिए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी में संगठनात्मक फेरबदल की संभावनाएं प्रबल है.पार्टी का एक महत्वपूर्ण पद फिर एक बार पश्चिम महाराष्ट्र से हटकर विदर्भ के हाथ में आ सकता है.ऐसे कयास लगाए जा रहे है कि भाजपा के नए प्रदेशाध्यक्ष की जिम्मेदारी पूर्व मंत्री और वर्तमान में विधान परिषद सदस्य चंद्रशेखर बावनकुले ने हाथों में आ सकती है.इसके पीछे कई वजहें है लेकिन दो प्रमुख वजह है बावनकुले का ओबीसी होना और बीते दिनों विभिन्न चुनावों और पार्टी द्वारा दी गई संगठनात्मक जिम्मेदारियों को बावनकुले द्वारा सफलतापूर्वक निभाया जाना।नई सरकार के गठन के ही साथ पहली कैबिनेट में सरकार और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ओबीसी के राजनीतिक आरक्षण के विषय पर संजीदगी दिखाई है उससे यह तय है की पार्टी के लिए यह विषय कितना महत्वपूर्ण है और किसी भी हाल में पार्टी ओबीसी के वोटों को खुद से खिसकने नहीं देना चाहेगी।इसलिए कोई ओबीसी चेहरा संगठन की जिम्मेदारी निभाएगा अगर ऐसा होता है तो बावनकुले की दावेदारी और अधिक मजबूत हो जायेगी।राज्य में जब से ओबीसी के राजनीतिक आरक्षण का विषय शुरू है तब से इस मुद्दे पर पार्टी के द्वारा चंद्रशेखर बावनकुले ही भूमिका स्पष्ट कर रहे है.वह अब भी इस विषय को लेकर आक्रामक ही है। 
हालाँकि लगाए जा रहे कयासों के बीच चंद्रशेखर बावनकुले ने खुद इस संभावना पर कुछ नहीं बोला है.बस क्या पार्टी उनके अध्यक्ष बना सकती है इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अब तक कभी कुछ पार्टी द्वारा उन्होंने अपने लिए नहीं मांगा है उनके लिए जो भी जिम्मेदारी पार्टी तय करेंगी वह उन्हें सहर्ष स्वीकार होगी। बावनकुले न केवल देवेंद्र फडणवीस बल्कि केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी के भी फेवरेट है ऐसे जो कुछ नामों की चर्चा इस पद के लिए हो रही है उनके बावनकुले की दावेदारी अधिक प्रबल है.आने वाले कुछ दिनों में मंत्रिमंडल का विस्तार होगा संभावना है कि मौजूदा अध्यक्ष चंद्रकांत दादा पाटिल को मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी।इसके बाद नए अध्यक्ष का चयन होगा और जिस तरह से पार्टी ने राहुल नार्वेकर को विधानसभा अध्यक्ष बनाकर चौका दिया कुछ इसी तरह का निर्णय अध्यक्ष पद को लेकर लिया जा सकता है.