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मुख्यमंत्री तो फडणवीस ही है शिंदे तो बस नाम के है- संजय राऊत


नागपुर- राज्यसभा सांसद संजय राउत दो दिवसीय नागपुर दौरे पर है.अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले राऊत नागपुर में भी जमकर बोल रहे है.उनके निशाने पर भाजपा,राज्यपाल,केंद्र सरकार और शिवसेना के बाग़ी दल के नेता एकनाथ शिंदे सब है.राऊत ने कहा की राज्य में मुख्यमंत्री तो बस नाम के है असली सीएम तो देवेंद्र फडणवीस ही है कभी वह सीएम का माइक छीन लेते है कभी भाषण के दौरान चिट्ठी भेजते है और कभी शर्ट खींच लेते है.राऊत ने फिर दोहराया की यह सरकार असंवैधानिक है.पिछली सरकार के दौरान लिए गए पांच निर्णयों को बदला गया है.इसमें औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजीनगर,उस्मानाबाद की जगह सदाशिव नगर और नई मुंबई एयरपोर्ट को दी बा पाटील नाम दिए जाने के निर्णय शामिल है.राऊत ने इस पर कहां की यह सरकार,पूर्व की ठाकरे सरकार द्वारा हिंदुत्व की भावना से लिए गए निर्णयों को बदले जाने का काम हिंदुत्व विरोधी है.मूल रूप से यह सरकार ही असंवैधानिक है ऐसे में उसका निर्णय भी ऐसा है.मुख्यमंत्री के हाथ में कुछ नहीं है जो कुछ हो रहा है फडणवीस कर रहे है.हमारा यह सवाल है की औरंगजेब या उस्मान इन लोगो का क्या लगता है? यह निर्णय लोकभावना को ध्यान में रख कर लिए गए थे.इसके लिए खुद भाजपा के लोग आंदोलन करते थे.

मैं शिवसेना का मालिक नहीं जो इसे ख़त्म करूँगा और ना ही गद्दार 
कल मुंबई में आयोजित हुए एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने संजय राऊत का नाम न लेते हुए कहां था कि वो शिवसेना को ख़त्म करने के लिए निकले है.इस आरोप के जवाब में राऊत ने कहां कि " मई शिवसेना का मालिक नहीं हूँ शिवसैनिक हूँ,बालासाहेब ठाकरे का शिवसैनिक,लाखों शिवसैनिक साथ है अगर कोई इसका नया मतलब निकाले तो उन्हें बधाई लेकिन मैं ढोंगी या गद्दार नहीं हूँ.एक दिन राज्य में शिवसेना की सरकार बनेगी।शिवसेना को ख़त्म करने के लिए भाजपा जो प्रयास कर रही है आप उसका साथ दे रहे है तो आप को लाखों बधाई !

अब संसद में मुँह में पट्टी बांधकर जाना पड़ेगा,यह आपातकाल है जिससे हम लड़ रहे है 
सांसद में असंसदीय शब्दों को लेकर तैयार की गई सूचि पर राऊत ने बोला कि संसद में अब हम कुछ नहीं कर पायेंगे,हमारे हांथ पैर बांध दिए गए है.मुँह पर पट्टी लगाकर जाना पड़ेगा।देश की स्थिति भयंकर है यह नया आपातकाल है जिससे हम लड़ रहे है.राऊत के मुताबिक देश में कोई भी शब्द असंसदीय नहीं है.देश की सबसे बड़ी ताकत विनम्रता है.