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Nagpur

हम तीन दिन से हड़ताल पर है सरकार ने मिलने तक नहीं बुलाया


नागपुर- राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों की परिचारिकाये ( नर्स ) इन दिनों काम बंद आंदोलन में शामिल है.नर्सों के संगठन महाराष्ट्र राज्य परिचारिका महासंघ ने नर्सो की विभिन्न मांगो को लेकर आंदोलन छेद दिया है,पहले दो दिन अंशकालीन सांकेतिक,इसके बाद दो दिन सांकेतिक काम बंद के बाद शनिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल नर्सों द्वारा शुरू कर दी गई है.इस हड़ताल का बड़ा असर दिखाई दे रहा है,शहर के तीन बड़े सरकारी अस्पताल जीएमसी,आयजीजीएमसी और सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवा बुरी तरह से प्रभावित हो गई है.इस हड़ताल के चलते जहाँ डॉक्टरों पर काम का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है तो वही दूसरी तरफ अस्पतालों में तय ऑपरेशन को रद्द कर दिया गया है.वार्ड ही नहीं आपातकालीन सेवाओं में भी खासा असर दिखाई दे रहा है.दूसरी तरफ आंदोलनरत परिचारिका ( नर्स ) ने अपने प्रदर्शन को और संगठित कर लिया है.इनके संगठन का कहना है जब तक सरकार मांगे नहीं मानती या मांगो को लेकर कोई सकारात्मक भूमिका नहीं दिखाती तब तक वह इसी तरह से डंटे रहेंगे। उन्हें अस्पताल में आने वाले गरीब मरीजों की चिंता है लेकिन वो मजबूर है तीन दिन आंदोलन को हो गए लेकिन सरकार ने अब तक मिलने तक का ही वक्त नहीं दिया।

परिचारिका महासंघ की माँगे 
केंद्र सरकार की तरह 4600 ग्रेड पे का वेतन देना 
परिचारिका भर्ती में निजीकरण को रोकना 
काम की जगह में सुविधा को बेहतर किया जाना 
अस्पताल परिसर में पालनाघर की व्यवस्था 
प्रशाशनिक तबादले पर रोक लगे 
पद नाम को बदला जाना 

इस तरह की कई अन्य माँगे महाराष्ट्र राज्य परिचारिका महासंघ ने राज्य सरकार के समक्ष रखी है.