logo_banner
Breaking
  • ⁕ भंडारा में भीषण सड़क हादसा: ट्रक-पिकअप की जोरदार टक्कर में 8 लोगों की मौत, तीन मासूम भी शामिल ⁕
  • ⁕ पेपर लिक और लापरवाही के खिलाफ MPSC एस्पिरेंट्स का आंदोलन जारी, विपक्ष का महायुति सरकार पर हमला; टास्क फाॅर्स के गठन पर उठाये सवाल ⁕
  • ⁕ Nagpur: नाबालिग से शादी कराकर बनाए शारीरिक संबंध, पति समेत 5 पर मामला दर्ज ⁕
  • ⁕ Nagpur: दुकान में सेंधमारी कर 1.70 लाख रुपये उड़ाने वाले 5 आरोपी गिरफ्तार, दो नाबालिग शामिल ⁕
  • ⁕ गोंदिया-बालाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर भीषण सड़क हादसा, ट्रक और बोलेरो की टक्कर में छह की मौत; आठ गंभीर घायल ⁕
  • ⁕ श्वेता महल्ले और संजय गायकवाड़ के बीच जुबानी जंग तेज; भाजपा विधायक के बाप वाले जश्न पर शिवसेना नेता का पलटवार, कहा- समय पर बताऊंगा कौन है असली बाप? ⁕
  • ⁕ Nagpur: मल्टीलेयर साउंड सिस्टम, प्लाज्मा और प्रेशर मिड पर रोक; पुलिस आयुक्त की 60 दिन की अधिसूचना ⁕
  • ⁕ Nagpur: डांस क्लास जाने की बात पर पति-पत्नी में हुआ विवाद, दो बच्चों के सामने पति ने पत्नी के गले और पेट पर किए वार ⁕
  • ⁕ Nagpur: शराब को लेकर पति-पत्नी में हुआ विवाद, महिला की जान गई; पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Nagpur: 8 साल की बच्ची से कोच ने की छेड़खानी, पुलिस ने आरोपी कोच को किया गिरफ्तार ⁕
Akola

Akola: सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में केवल प्राथमिक उपचार


अकोला: चिकित्सा शिक्षा विभाग ने करोड़ों रुपये खर्च कर राज्य के यवतमाल, औरंगाबाद, लातूर के साथ अकोला में सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों का निर्माण किया है। प्रथम चरण में कुछ माह पूर्व अकोला के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में मात्र चार ओपीडी शुरू की गई थी, लेकिन अभी भी विशेषज्ञ चिकित्सक व अन्य आवश्यक चिकित्सा एवं तकनीकी पदों की प्रतीक्षा और मैनपावर की कमी के कारण अकोला में सुपर स्पेशियलिटी अभी तक नहीं चल पा रही है। अस्पताल में बड़ी बीमारियों के इलाज के बजाय केवल प्रारंभिक जांच ही किन जा रही है।

अकोला में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए 223 पद निर्धारित हैं। पद सृजित हुए एक वर्ष से अधिक का समय हो गया है। पद की स्वीकृति से अकोला में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के 2021 में ही शुरू होने का मार्ग प्रशस्त हो गया था। इसके बाद संविदा के आधार पर स्थानीय स्तर पर भर्ती को मंजूरी दी गई। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की ओपीडी अगस्त को खोल दी गई थी, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में देरी के कारण अभी तक गंभीर बीमारियों का इलाज शुरू होता नहीं दिख रहा है।

जनता को नहीं मिल रहा लाभ

वर्तमान में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में केवल चार विभाग काम कर रहे हैं। वहां भी केवल प्रारंभिक जांच की जा रही है। अस्पताल का निर्माण गंभीर बीमारियों के लिए किया गया है। इसके लिए सरकार की तरफ से करोडो रुपये भी खर्च किया गया है। वहीं नियुक्ति नहीं होने के कारण जनता का उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोगों को बीमारियों के लिए निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है।