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Nagpur: अब उद्यमियों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी खापरखेड़ा और कोराडी थर्मल स्टेशन से उत्पन्न होने वाली राख


नागपुर: जिला अधिकारी डॉ. विपिन इटनकर की अध्यक्षता में कोराडी थर्मल पावर परियोजना के संबंध में बैठक हुई। इस बैठक में जिला अधिकारी ने विपिन इटनकर ने निर्देश दिया कि अब से परियोजना से उत्पन्न होने वाली यह राख किसी भी उद्यमी को निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।

इटनकर ने कहा कि कोराडी और खापरखेड़ा औष्णिक विद्युत परियोजना से कोयले की राख को खसरा, कोराडी, वारेगांव और नांदगांव स्थित बांधों तक पहुँचाया जाता है। इस राख का उपयोग ईंट उद्योग सहित विभिन्न स्थानों पर विभिन्न भरावों के लिए प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। इस राख के लिए सरकारी स्तर पर कोई कीमत नहीं ली जाएगी, बल्कि अब यह किसी भी उद्यमी को निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।

कोराडी थर्मल पावर स्टेशन से प्रतिदिन 12 हजार मीट्रिक टन राख और खापरखेड़ा से प्रतिदिन सात हजार मीट्रिक टन राख उपलब्ध होती है। इस राख को अच्छे उद्देश्यों के लिए उपयोग करने के लिए औष्णिक विद्युत संयंत्रों और जिला प्रशासन द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक में स्पष्ट किया गया कि प्रत्येक कार्यालय को 125 रुपये प्रति टन की दर से परिवहन लागत का भुगतान किया जाएगा, ताकि इस राख का उपयोग किसी भी सरकारी व अर्धसरकारी कार्यालय के अंतर्गत चल रही परियोजनाओं के लिए किया जा सके।

संचित राख बांध से राख को नागपुर और उसके आसपास के राख आधारित उद्योगों, पत्थर खदानों, लेआउट फिलिंग, निर्माण पेशेवरों, साथ ही लघु उद्योगों (जैसे ईंट भट्टे, सीमेंट पाइप, पेवर ब्लॉक उद्योग, आदि) को मुफ्त में प्रदान किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि यह राख निर्माण एवं पर्यावरण विभाग के नियमों, विनियमों, शर्तों एवं विनियमों के तहत उपलब्ध कराई जाएगी। कोराडी और खसरा, वारेगांव राख बांधों में राख प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है।