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Yavatmal

Yavatmal: पानी के लिए ग्रामीणों का ग्राम पंचायत पर मोर्चा, उमरखेड के धनज गांव में पानी संकट बढ़ा


यवतमाल: उमरखेड तहसील के धनज गांव में पानी की गंभीर किल्लत को लेकर आज ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत कार्यालय का घेराव किया। धनज गांव एक आदिवासी गांव है, जिसे अपने उच्च बांध के लिए जाना जाता है, जो लगभग 11 एकड़ जमीन की सिंचाई करता है और तीन से चार गांवों को पीने का पानी भी उपलब्ध कराता है। हालांकि, इस समृद्ध जलस्रोत के बावजूद, गांव के निवासियों को आठ से पंद्रह दिन में केवल एक बार पानी मिल रहा है। वर्तमान में, गांव के बांध का पानी सूख चुका है, जिससे पीने के पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है।

ग्रामीणों के अनुसार, पानी की आपूर्ति का कुआं सिर्फ 12 से 15 फीट गहरा है और बांध के सूखने से कुआं भी लगभग सूख चुका है। गांव के मुख्य पाइपलाइन से केवल 10 से 12 कनेक्शन प्राप्त होने के कारण, भंडारण टैंक को मुश्किल से दो-दिन में भरने की स्थिति बन पा रही है। यही कारण है कि टंकी भरने पर ही लोगों को पानी मिलता है, जो उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में कठिनाइयों का कारण बन रहा है। गांव के लोग इस स्थिति से परेशान हो चुके हैं और आज ग्राम पंचायत कार्यालय, सरपंच और ग्राम सेवक का घेराव किया। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत द्वारा पानी की आपूर्ति का कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया है और उन्हें समय पर पानी की आपूर्ति नहीं मिल रही है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत उनका शोषण कर रही है, क्योंकि पंचायत के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जाती और राजनीतिक नेताओं का ध्यान चुनाव के समय तक ही रहता है, उसके बाद वे गांव की उपेक्षा करते हैं। भारत सरकार का 'हर घर जल' अभियान, जिसे 2019 में जल जीवन मिशन के तहत शुरू किया गया था, का उद्देश्य 2024 तक हर ग्रामीण परिवार को नियमित रूप से 55 लीटर पानी पाइप से उपलब्ध कराना है। हालांकि, धनज गांव में इस योजना का कोई असर नहीं दिख रहा। गांव में जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी का निर्माण अधूरा है और नल जल योजना भी पूरी तरह से खराब स्थिति में है।

गांव के लोगों का कहना है कि पानी की टंकी का काम अब तक पूरा नहीं हुआ है, जबकि सरकार ने इस योजना के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के मौसम में मवेशियों को भी पीने का पानी नहीं मिल रहा है। ग्राम पंचायत को बार-बार सूचित किए जाने के बावजूद, नल में अभी तक ठीक से पानी नहीं आ रहा है।

ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर जहां हम देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस का अमृत महोत्सव मना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर लोग आज भी पानी के लिए भटक रहे हैं, और प्रशासन, नेता व स्थानीय पदाधिकारी इस पर मौन हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल जीवन मिशन की योजनाओं की सही तरीके से जांच की जाए और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ग्राम पंचायत को इस समस्या का समाधान निकालने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।