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Amravati

Amravati: मिट्टी की बनावट देखकर खरीदें बीज, खरीफ की बुआई नजदीक; कृषि विभाग ने किसानों से की अपील


अमरावती: खरीफ सीजन में बुआई के लिए किसानों को जल्दी रहती है। इसलिए बीजों की सही जांच कर लेनी चाहिए। वर्तमान में कई कंपनियां बीज बिक्री के विज्ञापनों के जरिए किसानों को लुभाने की कोशिश कर रही हैं। कई बार किसान ऐसी कंपनियों के विज्ञापनों के झांसे में आकर फर्जी बीज खरीदकर नुकसान उठा लेते हैं। इसलिए कृषि विभाग ने अपील की है कि बीज खरीदते समय अपनी मिट्टी की किस्म और पोषक तत्वों की जानकारी लेकर ही बीज खरीदें।

बीज खरीदने से पहले यह जरूर देखें कि आपकी मिट्टी किस किस्म की है, यानी जमीन में पानी की निकासी होती है या पानी रुकता है? क्या क्षेत्र बागवानी या कृषि योग्य है, स्थानीय जलवायु कैसी है, खरीदे जा रहे बीज की किस्म किस क्षेत्र के लिए अनुशंसित है। साथ ही यह भी देखना चाहिए कि चुनी गई किस्म किस कीट और रोग के प्रति प्रतिरोधी या सहनशील है।

कृषि विश्वविद्यालय की सिफारिशों के अनुसार बुआई के लिए प्रति एकड़ कितने बीज की आवश्यकता होगी, इसकी भी जांच करना जरूरी है। बीज प्रमाणीकरण प्रणाली द्वारा प्रमाणित बीजों की खरीद को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। किसानों को व्यक्तिगत रूप से बीज खरीदते समय बीज खरीद की रसीद अवश्य लेनी चाहिए। सब्जी की फसलों के मामले में यह जांचना आवश्यक है कि बीज की किस्म किस मौसम के लिए अनुशंसित है तथा रोपण अवधि क्या है। 

अनुशंसित रोपण अवधि बीत जाने के बाद रोपण नहीं करना चाहिए। इसी प्रकार अन्य फसलों के मामले में भी बीजों की आयु की जांच कर लेनी चाहिए। क्योंकि प्रत्येक बीज में एक निश्चित अवधि तक ही अंकुरित होने या अंकुरित होने पर अच्छी उपज देने की क्षमता होती है। इसे 'बीज व्यवहार्यता' कहते हैं। यदि आप निजी कंपनियों द्वारा तैयार किए गए टूथफुल बीज खरीदना चाहते हैं तो सभी क्षेत्रों के लिए एक ही किस्म चुनने के बजाय क्षेत्र के अनुसार दो या तीन किस्मों का चयन करना चाहिए।

कई बार विज्ञापन दिए जाते हैं कि बहुत अधिक उपज होगी, रोग और कीट बिल्कुल नहीं लगेंगे और किसान इन बातों में फंसकर मूर्ख बन जाते हैं। इसलिए कृषि विभाग ने कंपनियों के विज्ञापन पढ़कर बीज न खरीदने की अपील की है।

बीज की थैली पर लगे टैग या लेबल पर फसल और किस्म का नाम, बीज का प्रकार, बैच नंबर, उत्पादक का नाम और पता, बीज परीक्षण की तिथि, अंकुरण प्रतिशत, शुद्धता का स्तर, थैली में बीज का कुल वजन, बीज प्रसंस्करण में उपयोग किए जाने वाले इनपुट आदि की जानकारी है या नहीं, इसकी जांच करें। इसके लिए ऐसी कंपनी का होलोग्राम पता होना चाहिए। अमरावती संभागीय कृषि संयुक्त निदेशक - प्रमोद लहाले ने किसानों से ऐसी जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है।