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Amravati

Amravati: मेलघाट के 16 गांवों के लिए सीईओ की कार्ययोजना, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को अन्य स्थानों पर भेजा गया


अमरावती: बाढ़ और भारी बारिश के कारण संपर्क खो चुके मेलघाट के 16 गांवों के लिए सीईओ संजीता महापात्रा एक्शन मोड में हैं। वहां सुविधाओं का क्रियान्वयन शुरू कर दिया गया है। इन गांवों की उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को अन्य स्थानों पर भेजा गया है। स्थानीय अधिकारियों और कर्मचारियों को भी मुख्यालय न छोड़ने का आदेश दिया गया है।

मेलघाट के चोपन, कोकमार, तांगड़ा, पारसोली, किन्नीखेड़ा, कुंड, धोकड़ा, मधीजदप, बिचुखेड़ा, बोधु, बोरात्याखेड़ा, रक्शा, कूही, कुटिंडा और डोमी जैसे 16 गांवों से हर साल मानसून के मौसम में संपर्क टूट जाता है। इसलिए सीईओ के आदेश पर इन गांवों में तीन महीने की स्वास्थ्य किट तैयार की गई है और वहां के अधिकारियों और कर्मचारियों को मुख्यालय में रहने की योजना बनाई गई है।

सीईओ संजीता महापात्रा ने बताया कि इसका क्रियान्वयन शुरू कर दिया गया है और टीम भी सक्रिय कर दी गई है। यहां के अधिकारी और कर्मचारी मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे, लेकिन इस गांव के उच्च जोखिम वाले मरीजों और गर्भवती माताओं को अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया गया है। सीईओ ने यह भी कहा कि इस गांव को जोड़ने वाले पुल को ऊंचा करने के लिए सरकारी स्तर पर अनुवर्ती कार्रवाई चल रही है। साथ ही मानसून सीजन को देखते हुए जर्जर स्कूलों की मरम्मत को प्राथमिकता दी जा रही है।

सीईओ ने बताया कि अधिक छात्राओं वाले स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। एक ही काम दो बार आवंटित किया जाता है। जिला परिषद एक ही काम ग्राम पंचायतों को देती है। लेकिन चूंकि ग्राम पंचायतों के पास निर्माण मशीनरी नहीं है, इसलिए उन कार्यों के लिए फिर से उनके स्तर पर निविदाएं जारी की जाती हैं। सीईओ संजीता महापात्रा ने इस बात पर खेद जताया कि एक ही काम दो बार आवंटित किया जा रहा है। इस पद्धति को बदला जाना चाहिए, सीईओ ने सीधे यहां से कार्य पद्धति शुरू करने के बारे में अपनी राय व्यक्त की।