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Amravati

Amravati: तहसील कृषि अधिकारी ने कृषि केंद्र संचालकों को दी चेतवानी, बीज खरीदते समय किसान को किया परेशान तो होगी सख्त कार्रवाई


अमरावती: खरीफ सीजन नजदीक आ रहा है। लेकिन खेती के समय भारी बारिश के कारण अभी तक खेती का काम पूरा नहीं हो पाया है। खरीफ सीजन में किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज, अच्छे रासायनिक खाद और कीटनाशक प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हो, इसके लिए योजना बनाई गई है। तिवसा तालुका के सभी कृषि सेवा केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने और खाद और बीज के नमूने लेने का अभियान वर्तमान में कृषि विभाग द्वारा चलाया जा रहा है। तिवसा तहसील कृषि अधिकारी हेमलता इंगले ने किसानों को केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही बीज, खाद और दवाइयां खरीदने का आवाहन किया है।

कृषि विभाग के अंतर्गत पंचायत समिति तिवसा ने खरीफ पूर्व इनपुट और गुणवत्ता नियंत्रण समीक्षा बैठक और लाइसेंस प्राप्त कृषि इनपुट विक्रेताओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर कृषि अधिकारियों ने विक्रेताओं को मार्गदर्शन दिया। खरीफ सीजन में किसानों के लिए बीज बोने से पहले बीजों का प्रसंस्करण करना बहुत जरूरी है। इससे अंकुरण क्षमता बढ़ेगी और फसलों को कीटों और बीमारियों से बचाया जा सकेगा।

तहसील कृषि अधिकारी ने सभी विक्रेताओं को चेतावनी दी कि यदि कृषि सेवा केंद्र ऐसी प्रथाओं का पालन करता है जैसे कि किसानों को यह बताना कि ये कृषि इनपुट विशिष्ट उर्वरक या बीज संग्रहीत करके बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं हैं, कि यदि इनपुट खरीदा जाना है, तो उसके साथ एक और अनावश्यक इनपुट खरीदना अनिवार्य है, इस तरह की प्रथाओं को जोड़ना, उच्च कीमतों पर कृषि इनपुट बेचना या किसानों को उचित भुगतान नहीं करना, उनके खिलाफ उचित सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कृषि विभाग के तहत सभी योजनाओं के लिए किसानों को एग्रीस्टैक के साथ पंजीकरण करना अनिवार्य है। किसानों को सेतु केंद्र में जाना चाहिए और किसान के रूप में पंजीकरण करना चाहिए। एक तालुका-स्तरीय उड़न दस्ता नियुक्त किया गया है। एक तालुका-स्तरीय शिकायत निवारण प्रकोष्ठ भी स्थापित किया गया है। यदि किसान कृषि इनपुट खरीदना चाहते हैं, तो उन्हें उन्हें अधिकृत कृषि सेवा केंद्र से खरीदना चाहिए। साथ ही, सोयाबीन के बीज चाहे घर से खरीदें या बाजार से, तालुका कृषि अधिकारी तिवसा ने किसानों से उनकी अंकुरण क्षमता की जांच करने और बीज को संसाधित करने के बाद बोने की अपील की है।

किसानों को एक ही उर्वरक पर निर्भर नहीं रहना चाहिए बल्कि अन्य उर्वरकों का भी सही तरीके से उपयोग करना चाहिए। रासायनिक खाद में मिलावट हो, बीज अंकुरित न हो, छिड़काव से परिणाम न मिलें, फसल खराब हो, खाद न मिले तो तालुका कृषि अधिकारी को शिकायत करनी चाहिए। साथ ही दुकान के बोर्ड पर उपलब्ध स्टॉक और इनपुट की कीमतें इस तरह प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है कि सभी किसान देख सकें।