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Amravati

Amravati: जिले में पौने सात लाख हेक्टेयर में लगी खरीफ फसलें कीड़ों से प्रभावित, छिड़काव का परिणाम शून्य


अमरावती: जून माह में बुआई के बाद 15 जुलाई तक उत्पादित फसलें सामान्यतः संतोषजनक रहीं। उसके बाद 18 जुलाई से शुरू हुई लगातार बारिश के कारण मिट्टी और वातावरण में नमी बढ़ने से खरीफ फसलों और संतरे के फलों की फसलों पर बड़ी संख्या में रोग और कीट लगे हैं। परिणाम स्वरूप जिले में लगभग 6 लाख 82 हजार हेक्टेयर में खरीफ की फसल तथा लगभग 79 हजार हेक्टेयर में संतरे की फसल रोग एवं कीड़ों से ग्रसित पाई गई है।

लगातार बारिश के कारण अमरावती जिले में कपास की फसल की वृद्धि रुक ​​गई है। कपास पर फफूंद जनित रोग के साथ सफेद मक्खी, थ्रिप्स, ब्लाइट, मक्खी लग गई हैं। वहीं, सोयाबीन उष्ट्र इल्ली, सफेद मक्खी, तना छेदक, पीला मोज़ेक तथा फफूंद जड़ सड़न रोगों से प्रभावित है।

अत्यधिक बारिश के कारण अरहर की फसल पीली पड़ रही है। वहीं, मर रोग के कारण जड़ सड़न से फसल नष्ट हो रही है। संतरे की फसल की स्थिति भी अलग नहीं है। जिले में फलों की फसल भी कई रोगों से संक्रमित है।

किसानों ने अपनी फसलों को बीमारियों और कीटों से बचाने के लिए महंगे फफूंदनाशकों और कीटनाशकों का छिड़काव किया। उसके लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया। लेकिन लगातार बारिश के कारण छिड़काव का असर नहीं के बराबर हुआ है।