logo_banner
Breaking
  • ⁕ Shardiya Navratri 2026: नागपुर सहित विदर्भ में नवरात्रि की धूम, देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Amravati

महाराष्ट्र में सबसे अधिक लगभग 446 बाघ; राज्य में 23 प्रतिशत से बढ़ रही बाघों की संख्या, भारतीय वन्यजीव संस्थान की रिपोर्ट


अमरावती: महाराष्ट्र में बाघों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. वन्यजीव संस्थान की एक रिपोर्ट के अनुसार, बाघ जनगणना 2022 के अनुसार महाराष्ट्र में लगभग 446 बाघ हैं। 2006 में महाराष्ट्र में बाघों की संख्या 103 थी। 2010 में हुई बाघ गणना के अनुसार, महाराष्ट्र में बाघों की संख्या 168 तक पहुँच गई। 2014 में महाराष्ट्र में कुल 190 बाघ थे। अगले चार वर्षों में बाघों की संख्या तेजी से बढ़ी है।

बाघ जनगणना 2018 के अनुसार, महाराष्ट्र में 312 बाघ थे। बाघों की जनसंख्या वृद्धि का ग्राफ अगले चार वर्षों तक भी जारी रहा। बाघ जनगणना 2022 के अनुसार, आज महाराष्ट्र में लगभग 446 बाघ हैं। महाराष्ट्र वन्यजीव बोर्ड के पूर्व सदस्य यादव टार्टे ने कहा कि यह एक अच्छा संकेत है कि राज्य में बाघों की संख्या 23 प्रतिशत से बढ़ रही है।

बाघ संरक्षण के लिए तैयार की जरूरत

आज भारत बाघों के मामले में विश्व में प्रथम स्थान पर है। महाराष्ट्र में बाघों की सबसे अधिक संख्या होना महाराष्ट्र के लिए गर्व की बात है। 1900 में भारत में कुल 40,000 बाघ थे। 1971 में दुर्भाग्यवश भारत में केवल 1800 बाघ बचे। देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 6 बाघों की संख्या में भारी गिरावट को गंभीरता से लेते हुए भारतीय वन्यजीव अधिनियम 1972 लागू किया। इसके अलावा 1973 में टाइगर रिजर्व योजना की घोषणा की गई।

टाइगर रिजर्व पर बड़ी जिम्मेदारी

यादव तरटे ने कहा कि जंगल में बाघों और अन्य जानवरों की सुरक्षा के लिए टाइगर रिजर्व योजना शुरू की गई। अब जब बाघों की संख्या बढ़ रही है तो ये बाघ जंगल से बाहर नहीं जाएंगे। इस संबंध में टाइगर रिजर्व की बड़ी जिम्मेदारी होगी। इस बात का भी ध्यान रखना जरूरी है कि बाघों और इंसानों के बीच संघर्ष न हो। बाघों का शिकार नहीं हो। टाइगर रिजर्व के साथ-साथ वन विभाग को भी तैयार रहना बेहद जरूरी है। 

देखें वीडियो: