logo_banner
Breaking
  • ⁕ कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार का बड़ा दावा; कहा- देश में बनेगी लॉकडाउन जैसी स्थिति, पेट्रोल-डीजल एक दाम होंगे 150 पार; चुनाव आयोग को बताया भाजपा का दलाल ⁕
  • ⁕ भारत के दरवाजे पर पहुंचा इबोला वायरस! युगांडा से नागपुर आई व्यक्ति क्वारंटाइन, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर ⁕
  • ⁕ Gadchiroli: माओवादियों का हथियार निर्माण ठिकाना ध्वस्त, जंगल में दबा विस्फोटक सामग्री पुलिस ने की नष्ट ⁕
  • ⁕ Buldhana: डीज़ल संकट से भड़के किसान, नागपुर–पुणे–मुंबई हाईवे किया जाम; सड़क पर लगा वाहनों की कतारें ⁕
  • ⁕ बढ़ती तपिश से लोग बेहाल, लेकिन कूलर बाजार में बंपर उछाल; पिछले साल से तीन गुना ज्यादा बिक्री ⁕
  • ⁕ प्रफुल्ल गुडधे बने नागपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष, जिम्मेदारी के लिए पार्टी को दिया धन्यवाद; कहा- सभी को साथ लेकर करूँगा काम ⁕
  • ⁕ Amravati: भीषण गर्मी के बीच शिवटेकड़ी जॉगिंग ट्रैक पर लगाए गए वाटर फॉगर्स, नागरिकों को मिली राहत ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Amravati

West Vidarbha: भारी बारिश से एक सप्ताह में 31 की मौत, 552 का रेस्क्यू और 9486 विस्थापित


अमरावती: जुलाई माह में अमरावती संभाग में भारी बारिश ने जमकर कहर बरपाया। पिछले एक सप्ताह के दौरान, 37 तहसीलों के 190 मंडलों में भारी वर्षा दर्ज की गई। इस मानसून के दौरान अब तक 31 लोगों की मौत हो चुकी है और 9,486 लोगों को विस्थापित होकर अस्थायी आश्रय स्थलों में शरण लेनी पड़ी है।

जून में केवल 48।6 मिमी यानी औसत की 33 फीसदी बारिश हुई थी। जुलाई की बारिश ने इस कमी को पूरा कर दिया, लेकिन कई इलाके भारी बारिश से भी प्रभावित हुए। संभाग में अब तक 394 मिमी यानि औसत की 111 प्रतिशत बारिश हो चुकी है। गुरुवार सुबह 8 बजे समाप्त हुए चौबीस घंटों में यवतमाल जिले में सबसे अधिक 39।4 मिमी बारिश दर्ज की गई, इसके बाद अमरावती में 3.8, वाशिम में 3.5, अकोला में 1.5 और बुलढाणा जिले में 0.1 मिमी बारिश दर्ज की गई।

संभागीय आयुक्त कार्यालय की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, 21 और 22 जुलाई को यवतमाल, बुलढाणा और वाशिम जिलों में भारी बारिश हुई। नदी-नालों में बाढ़ आने से बाढ़ का पानी गांवों और खेतों में घुस गया है। इससे यवतमाल जिले के 10 तालुका, अकोला जिले के 5 तालुका और बुलदाना जिले के 4 तालुका सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की बचाव टीमों द्वारा इन गांवों के 552 नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसमें यवतमाल जिले के 290, बुलडाणा जिले के 232 और अकोला जिले के 32 शामिल हैं।

6 लाख 17 हजार 947 हेक्टेयर खेती प्रभावित

अमरावती जिले में 44 हजार 874 हेक्टेयर, अकोला में 1 लाख 42 हजार 782 हेक्टेयर, यवतमाल में 2 लाख 18 हजार हेक्टेयर, वाशिम में 47 हजार 643 हेक्टेयर और बुलढाणा जिले में 1 लाख 64 हजार 677 हेक्टेयर जमीन प्रभावित हुई है। इसमें 22 हजार 403 हेक्टेयर खेती बाढ़ के कारण बर्बाद हो गयी है। इसके अलावा, पांच जिलों में 72 सड़कें और नदियों और नहरों पर बने 118 पुल गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं।