logo_banner
Breaking
  • ⁕ नेपाल बाढ़ में फंसे नागरिकों की सुरक्षित घर वापसी शुरू, पटना से नागपुर के लिए हुए रवाना हुए 102 श्रद्धालु; मुख्यमंत्री फडणवीस और प्रशासन का जताया आभार ⁕
  • ⁕ Chandrapur: डीजे पर पुलिस का शिकंजा; गणेशोत्सव से पहले साउंड सिस्टम का होगा प्रत्यक्ष ‘डेमो, नियम तोड़ने संचालकों पर दर्ज होगा मामला ⁕
  • ⁕ ईद-ए-मिलाद से पहले नागपुर पुलिस अलर्ट मोड पर, परिमंडल-4 में दंगा काबू के लिए की गई रिहर्सल और रूट मार्च ⁕
  • ⁕ Amravati: शहर के 90 अस्पतालों को नवीनीकरण के निर्देश, नगर पालिका के बार-बार नोटिस देने के बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई ⁕
  • ⁕ Buldhana: बुलढाणा जिला बैंक में 'सहकार' पैनल की जीत, 21 में से 19 सीटें जीती ⁕
  • ⁕ छात्रों की गूंज पर सियासत तेज, मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया राहुल गांधी का ‘री-लॉन्च कार्यक्रम; छात्रों और इंफ्लुएंसर्स को पैसे देकर बुलाने का किया दावा ⁕
  • ⁕ Akola: महीने भर से बारिश की बेरुखी से सोयाबीन की फसल पर संकट, उत्पादन में 50% से अधिक गिरावट की आशंका ⁕
  • ⁕ Chandrapur: मुस्लिम युवती ने किया श्रीमद्भगवद्गीता का उर्दू अनुवाद, 3 महीने में पूरा किया अनोखा कार्य ⁕
  • ⁕ Nagpur: शराब को लेकर पति-पत्नी में हुआ विवाद, महिला की जान गई; पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Nagpur: 8 साल की बच्ची से कोच ने की छेड़खानी, पुलिस ने आरोपी कोच को किया गिरफ्तार ⁕
Amravati

West Vidarbha: भारी बारिश से एक सप्ताह में 31 की मौत, 552 का रेस्क्यू और 9486 विस्थापित


अमरावती: जुलाई माह में अमरावती संभाग में भारी बारिश ने जमकर कहर बरपाया। पिछले एक सप्ताह के दौरान, 37 तहसीलों के 190 मंडलों में भारी वर्षा दर्ज की गई। इस मानसून के दौरान अब तक 31 लोगों की मौत हो चुकी है और 9,486 लोगों को विस्थापित होकर अस्थायी आश्रय स्थलों में शरण लेनी पड़ी है।

जून में केवल 48।6 मिमी यानी औसत की 33 फीसदी बारिश हुई थी। जुलाई की बारिश ने इस कमी को पूरा कर दिया, लेकिन कई इलाके भारी बारिश से भी प्रभावित हुए। संभाग में अब तक 394 मिमी यानि औसत की 111 प्रतिशत बारिश हो चुकी है। गुरुवार सुबह 8 बजे समाप्त हुए चौबीस घंटों में यवतमाल जिले में सबसे अधिक 39।4 मिमी बारिश दर्ज की गई, इसके बाद अमरावती में 3.8, वाशिम में 3.5, अकोला में 1.5 और बुलढाणा जिले में 0.1 मिमी बारिश दर्ज की गई।

संभागीय आयुक्त कार्यालय की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, 21 और 22 जुलाई को यवतमाल, बुलढाणा और वाशिम जिलों में भारी बारिश हुई। नदी-नालों में बाढ़ आने से बाढ़ का पानी गांवों और खेतों में घुस गया है। इससे यवतमाल जिले के 10 तालुका, अकोला जिले के 5 तालुका और बुलदाना जिले के 4 तालुका सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की बचाव टीमों द्वारा इन गांवों के 552 नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसमें यवतमाल जिले के 290, बुलडाणा जिले के 232 और अकोला जिले के 32 शामिल हैं।

6 लाख 17 हजार 947 हेक्टेयर खेती प्रभावित

अमरावती जिले में 44 हजार 874 हेक्टेयर, अकोला में 1 लाख 42 हजार 782 हेक्टेयर, यवतमाल में 2 लाख 18 हजार हेक्टेयर, वाशिम में 47 हजार 643 हेक्टेयर और बुलढाणा जिले में 1 लाख 64 हजार 677 हेक्टेयर जमीन प्रभावित हुई है। इसमें 22 हजार 403 हेक्टेयर खेती बाढ़ के कारण बर्बाद हो गयी है। इसके अलावा, पांच जिलों में 72 सड़कें और नदियों और नहरों पर बने 118 पुल गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं।