MPSC के खिलाफ आंदोलन के बीच एक और परीक्षा टली, ग्रुप-C प्रीलिम्स अब 3 जनवरी 2027 को; पहले अक्टूबर में होनी थी परीक्षा
मुंबई/नागपुर: महाराष्ट्र में MPSC की परीक्षा व्यवस्था को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है और इसी बीच आयोग ने ग्रुप-C सेवा संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा 2026 को भी आगे बढ़ा दिया है। पहले यह परीक्षा 25 अक्टूबर 2026 को होने वाली थी, लेकिन अब इसे करीब तीन महीने आगे बढ़ाकर 3 जनवरी 2027 कर दिया गया है। आयोग के इस फैसले से परीक्षा की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों के सामने एक बार फिर नई तारीख के हिसाब से तैयारी करने की चुनौती खड़ी हो गई है।
दरअसल, महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों से MPSC की परीक्षा प्रक्रिया में कथित पेपर लीक, अनियमितताओं और पारदर्शिता को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। पुणे, अमरावती और नागपुर समेत कई जगहों पर छात्रों ने आंदोलन किया है। नागपुर में भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन करते हुए MPSC अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे की मांग उठाई।
क्यों टाली गई ग्रुप-C परीक्षा?
MPSC की ओर से जारी संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक, परीक्षा केंद्रों और उपकेंद्रों की उपलब्धता, स्थानीय परिस्थितियों, यातायात व्यवस्था और अभ्यर्थियों के सुरक्षित एवं समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने जैसे पहलुओं का आकलन किया गया। इसके अलावा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के कार्यक्रम और राज्य सरकार के शीतकालीन अधिवेशन को भी ध्यान में रखा गया है।
25 अक्टूबर की जगह अब 3 जनवरी
ग्रुप-C संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा 2026 का विज्ञापन क्रमांक 017/2026 है। पहले परीक्षा 25 अक्टूबर 2026 को ऑफलाइन OMR पद्धति से आयोजित की जानी थी। अब संशोधित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा 3 जनवरी 2027 को राज्य के सभी जिला केंद्रों पर आयोजित होगी। परीक्षा की समय-सारणी, केंद्र और प्रवेश पत्र से जुड़ी जानकारी आयोग की ओर से बाद में जारी की जाएगी।
आंदोलन के बीच परीक्षा टलने से सवाल
एक तरफ MPSC अभ्यर्थी परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, कथित पेपर लीक की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर एक और महत्वपूर्ण परीक्षा की तारीख आगे बढ़ गई है। पुणे में आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने आयोग के अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे के साथ परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निश्चित परीक्षा कैलेंडर की मांग भी उठाई थी।
नागपुर सहित राज्य भर में हुए आंदोलन के दौरान छात्रों ने कहा कि लगातार सामने आ रहे कथित गैरप्रकारों से परीक्षा व्यवस्था पर उनका भरोसा कमजोर हुआ है। ऐसे में अब ग्रुप-C परीक्षा की नई तारीख पर परीक्षा प्रक्रिया कितनी पारदर्शी और सुरक्षित रहती है, इस पर अभ्यर्थियों की नजर रहेगी।
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