नाशिक के बाद अब उज्जैन सिंहस्थ के डिजास्टर मैनेजमेंट की जिम्मेदारी भी IIM नागपुर के पास, MP सरकार के साथ MOU साइन
नागपुर: मैनेजमेंट और गवर्नेंस के क्षेत्र में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) नागपुर ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। नाशिक में होने वाले आगामी सिंहस्थ कुंभ के लिए डिजास्टर मैनेजमेंट का जिम्मा संभालने के बाद, अब संस्थान को मध्य प्रदेश के उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ कुंभ के 'क्राउड मैनेजमेंट' या कहें डिजास्टर मैनेजमेंट (भीड़ नियंत्रण) की भी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस सिलसिले में हाल ही में इंदौर में मध्य प्रदेश सरकार और IIM नागपुर के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
नाशिक कुंभ के लिए महायुति सरकार का मेगा प्लान
गौरतलब है कि पूरे 12 साल बाद नाशिक में सिंहस्थ कुंभ का भव्य आयोजन होने जा रहा है। इसे वैश्विक स्तर पर सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली महायुति सरकार 12,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट खर्च कर बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने में जुटी है। इस महाआयोजन में सुरक्षा और आपदा प्रबंधन (Disaster Management) को चाक-चौबंद रखने का काम पहले से ही IIM नागपुर की टीम संभाल रही है, जिस पर लगातार काम जारी है।
मध्य प्रदेश सरकार ने भी जताया IIM नागपुर पर भरोसा
नाशिक कुंभ के लिए महाराष्ट्र सरकार द्वारा IIM नागपुर किए समझौते सहित मुंबई के क्राउड मैनेजमेंट पर किये काम की कार्यप्रणाली और विशेषज्ञता को देखते हुए अब मध्य प्रदेश सरकार ने भी संस्थान पर भरोसा जताया है। बीते दिनों इंदौर में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की मौजूदगी में राज्य सरकार और संस्थान के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन के बीच हस्ताक्षर हुए।
30 करोड़ से ज्यादा लोगों के आने का अनुमान
30 करोड़ से ज्यादा लोगों के आने का अनुमान
प्रयागराज महाकुंभ के सफल मैनेजमेंट से सीख लेते हुए नाशिक और उज्जैन, दोनों ही जगहों पर आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उज्जैन सिंहस्थ में संभावित 30 करोड़ लोगों की भारी भीड़ को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने 'क्राउड मैनेजमेंट' (भीड़ नियंत्रण) का पूरा खाका तैयार करने की जिम्मेदारी IIM नागपुर के विशेषज्ञों को सौंपी है। इसके लिए हाल ही में इंदौर में दोनों पक्षों के बीच एक MoU भी साइन किया गया है।
IIM नागपुर के विशेषज्ञ आधुनिक डेटा एनालिसिस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक मैनेजमेंट टूल्स के जरिए एक ऐसा फुल-प्रूफ प्लान तैयार करेंगे जिससे, भगदड़ जैसी अप्रिय घटनाओं को रोका जा सके। ट्रैफिक और एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स को सुगम बनाया जा सके। आपातकालीन स्थिति (Disaster Management) में तुरंत एक्शन लिया जा सके। नाशिक के बाद अब उज्जैन जैसे बड़े वैश्विक आयोजन की सुरक्षा और प्रबंधन का जिम्मा मिलना IIM नागपुर और पूरे विदर्भ के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।
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