हिंगणा MIDC में उद्योगों को मिलेगी एलपीजी की किल्लत से राहत, 30 जून तक पीएनजी पाइपलाइन बिछाने का लक्ष्य
नागपुर: महाराष्ट्र सरकार के निर्देशों और औद्योगिक क्षेत्रों में गैस वितरण नेटवर्क (CGD) को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। सोमवार को उद्योग भवन में एमआईडीसी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन (MIA) द्वारा एक आपातकालीन बैठक बुलाई गई, जिसमें हिंगणा एमआईडीसी क्षेत्र में पाइप नेचुरल गैस (PNG) की बुनियादी संरचना को जल्द से जल्द पूरा करने पर जोर दिया गया।
LPG की कमी से उत्पादन पर संकट
पिछले कुछ समय से औद्योगिक उपयोग के लिए एलपीजी (LPG) की भारी कमी देखी जा रही है, जिससे एमआईडीसी क्षेत्रों में उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वैश्विक आपूर्ति में आ रही बाधाओं के कारण उद्योगों को कच्चे माल की प्रोसेसिंग और अन्य परिचालन कार्यों में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या के समाधान के लिए सरकार ने 30 जून 2026 तक पीएनजी कनेक्टिविटी को अनिवार्य करने का निर्देश दिया है।
बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
एमआईए के अध्यक्ष पी. मोहन के नेतृत्व में हुई इस बैठक में उपाध्यक्ष गणेश जायसवाल, सचिव अरुण लांजेवार सहित एमआईडीसी के क्षेत्रीय अधिकारी मनोहर पोटे और हरियाणा सिटी गैस प्राइवेट लिमिटेड (HCG) के अधिकारी शामिल हुए।
- डेडलाइन तय: सरकार के निर्देशानुसार 30 जून 2026 तक पीएनजी पाइपलाइन का काम पूरा करना होगा।
- इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जमीन: अध्यक्ष पी. मोहन ने डिस्ट्रिक्ट रेगुलेटरी फैसिलिटी (DRF) स्थापित करने के लिए एमआईडीसी से 20x20 मीटर के प्लॉट की मांग की। क्षेत्रीय अधिकारी मनोहर पोटे ने इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए एचसीजी को जल्द आवेदन करने की सलाह दी है।
- जल्द शुरू होगी आपूर्ति: एचसीजी ने बताया कि हिंगणा क्षेत्र में पाइपलाइन का काम शुरू कर दिया गया है। अनुमान के मुताबिक, इस क्षेत्र में एलपीजी की मांग 50-75 मीट्रिक टन है, जिसे पीएनजी से बदला जाएगा।
उद्योगों के लिए 'कैस्केड सिस्टम' से तत्काल राहत
जब तक पाइपलाइन का काम पूरी तरह संपन्न नहीं हो जाता, तब तक एचसीजी ने उद्योगों को 'कैस्केड सिस्टम' (मोबाइल सिलेंडर ट्रक) के माध्यम से गैस आपूर्ति करने का आश्वासन दिया है। एचसीजी ने सभी औद्योगिक इकाइयों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द समझौतों (Agreements) की प्रक्रिया पूरी करें ताकि कनेक्शन देने में तेजी लाई जा सके।
भविष्य की राह
बैठक का समापन सकारात्मक रहा। सभी हितधारकों ने समयबद्ध तरीके से पीएनजी ट्रांजिशन को सफल बनाने का संकल्प लिया। इस बदलाव से न केवल उद्योगों की ईंधन लागत कम होगी, बल्कि यह पर्यावरण के अनुकूल और सुरक्षित विकल्प भी साबित होगा।
admin
News Admin