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Chandrapur

Chandrapur: बाघ की दहशत से धान कटाई प्रभावित


सिंदेवाही: सिंदेवाही तहसील में बड़े पैमाने पर धान की कटाई शुरू हो गई है और नवरगांव की 10 महिलाएं शिवटेकड़ी क्षेत्र में धान की कटाई के लिए गई. खेत में धान की कटाई हो रही थी. तभी अचानक महिलाओं के सामने एक दिखाई दिया और महिला घबरा गई. बाघों की लगातार घटनाओं से क्षेत्र में दहशत का माहौल है. ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के किसान बाघ से कब मुक्ति मिलेगी? ऐसा सवाल वनविभाग से कर रहे हैं. सिंदेवाही वनपरिक्षेत्र के उपक्षेत्र नवरगांव के अंतर्गत रत्नापुर बिट के शिवटेकड़ी क्षेत्र के ह्युमन परियोजना के जर्जर क्वार्टर के पास आंबोरकर के खेत में सुबह दस महिलाएं धान की कटाई के लिए गई थीं. 

धान काटते समय अचानक एक बाघ की दहाड़ सुनाई दी व क्षणभर में बाघ महिलाओं के सामने आया. अपने सामने एक विशाल बाघ को देखकर महिलाएं घबराने लगीं, महीलाएं अब क्या किया जाए यह सोच रही थीं. ऐसे में एक दूसरे को धिरज देकर महीलाए यहां वहां दौड रही थी. दस में से छह महिलाएं किसी तरह चार किमी की दूरी तय कर नवरगांव पहुंचीं, जबकि बाकी महिलाएं खेत में छुपी हुई थीं उसी दौरान उन्हे बाघ ने मारने की खबर गांव में बतायी. कुछ ने वन विभाग को सूचना भी दी. 

आखिर में उन महिलाओं को ढूंढने के लिए क्षेत्र सहाय्यक एस.बी. उसेंडी, वनरक्षक जे.एस. वैद्य व नागरीक घटनास्थल पहुचे. उन्होने महीलाओं की तलाश की. महीला खेत के धान फसल से स्वयं की जान बचाने के लिए यहां से वहां दौड रही थी. कुछ दूरी काटकर खेत खलियान में खुद को सुरक्षित पाया तो वन विभाग और नागरिकों ने राहत की सांस ली.

बाघ को भगाने में लगा काफी समय

बाघ को भगाने में काफी समय लगा. हालांकि, महिलाओं को धान की कटाई करनी थी. परंतु घबराई महिलाओं की धान काटने की हिम्मत नहीं हो रही थी. अंत में कई नागरिक खेत में खड़े हुए व बाघ की दहशत में धान की कटाई की गई. इस घटना से तहसील में दहशत फैल गई है और खेती करने के तरीके के बारे में सवाल पूछने लगे हैं. शिव पहाड़ी क्षेत्र में महाशिवरात्रि और नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में भक्त इस मंदिर में आते हैं, इस समय एक बड़ा मेला लगता है यह क्षेत्र जंगल जैसा है और बड़े पैमाने पर पेड़ और झाड़ियाँ उग आई हैं. इस परिसर से लगकर बडे पैमाने में खेती है इसलिए इस घटना से किसानों में दहशत फैली है.