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Chandrapur

Chandrapur: थोड़ी हवा, थोड़ी बारिश और अठारह घंटे बिजली गायब; महावितरण की महिमा, ग्रामीणों में गुस्सा


चंद्रपुर: चंद्रपुर जिले में जोरदार गर्मी पड़ रही है। पिछले कुछ दिनों से हो रही बेमौसम बारिश के कारण जिले के किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। अब, बिजली आपूर्ति में बाधा और घंटों तक बिजली गुल रहने के कारण शहरों और गांवों में एक बहुत गंभीर समस्या के रूप में उभर रही है। महज दो दिन पहले, पोम्भुर्ना तहसील में अठारह घंटे तक बिजली कटौती का रिकॉर्ड दर्ज किया गया। जिसके कारण नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। 18 घंटे बाद बिजली आपूर्ति शुरू हो गई है, लेकिन तत्काल बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इससे नागरिकों में रोष व्याप्त है।

पोम्भुर्ना में बिजली वितरण कंपनी इस समय चर्चा का विषय बन गई है। तहसील में बिजली वितरण प्रणाली बहुत जर्जर है। कई स्थानों पर पेड़ों की शाखाएं बिजली लाइनों पर बाधा उत्पन्न कर रही हैं। कुछ क्षेत्रों में खंभे जर्जर हो चुके हैं और तार बहुत पुराने और कमजोर हैं। इसलिए यदि मौसम में थोड़ा सा भी परिवर्तन हो तो बिजली चली जाती है और काफी समय तक नहीं आती। पोम्भुर्ना तहसील कम हवा, कम बारिश और बिना रोशनी वाला स्थान बन गया है।

सोमवार को पोम्भुर्ना और मूल क्षेत्रों में भारी बारिश हुई। इस बीच, सुशी गांव के पास एक खंभा गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। हालांकि, बिजली वितरण कंपनी ने बिजली आपूर्ति बहाल करने में 18 घंटे का समय लगाने का रिकॉर्ड बनाया है। इस गर्मी के दौरान, पोम्भुर्ना तहसील की पूरी आबादी लगभग 18 घंटे तक बिजली की समस्या से त्रस्त रही। विभाग के उन अधिकारियों व कर्मचारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त की जा रही है, जिन्होंने इस दौरान अपने फोन बंद रखे।

विद्युत वितरण कंपनी की ऐसी लापरवाही के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई, किसानों की जलापूर्ति प्रभावित हुई तथा बिजली न होने से ऑनलाइन शिक्षा, कम्प्यूटर प्रशिक्षण, आटा चक्की, जल पंप, दूध, ठंडे पानी के केंद्र आदि सेवाएं बाधित रहीं। नागरिकों ने कई महत्वपूर्ण कार्य न करने पर विद्युत वितरण विभाग के प्रति रोष व्यक्त किया है।

महावितरण की लापरवाही
इस क्षेत्र के नागरिकों ने कई बार महावितरण कार्यालय में बिजली कटौती की शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि इन समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। यह समस्या स्थायी हो गई है क्योंकि समय-समय पर शिकायतों के बावजूद प्रणाली का रखरखाव और अद्यतन नहीं किया जाता है।