logo_banner
Breaking
  • ⁕ Shardiya Navratri 2026: नागपुर सहित विदर्भ में नवरात्रि की धूम, देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Chandrapur

युवाओं के लिए खुशखबरी, राज्य सरकार ने मनपा में 1010 पदों पर भर्ती की दी मंजूरी


चंद्रपुर: सरकारी नौकरियों की तैयारी करने वाले जिले के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी मिली है। राज्य सरकार ने चंद्रपुर महानगर पालिका में 1010 पदों की भर्ती के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। मंजूरी मिलने के बाद मनपा जल्द ही इन पदों पर भर्ती निकाल सकती है।

ज्ञात हो कि, नगर आयुक्त ने नए पद निर्माण योजना शासन को भेजी थी। सरकार ने 869 पदों में से 8 पदों को रिक्त कर 149 नये आवश्यक पदों के सृजन की स्वीकृति दी है तथा 1010 पदों का आंकड़ा स्वीकृत किया है। नगर निगम में कुछ पदों को ढाँचे के अनुरूप बनाने तथा पदानुक्रम की सुविधा के लिए कैडर, वेतनमान और ग्रेड पे में परिवर्तन किया गया है।

चंद्रपुर एक 'डी' श्रेणी की नगरपालिका है और इसे 2011 में स्थापित किया गया था। नगर पालिका का कार्यात्मक क्षेत्र 54.28 वर्ग किमी है और शहर की आबादी लगभग 3.50 से 4 लाख के बीच है। नगरीय क्षेत्रों में जनसंख्या में भारी वृद्धि हुई है। नगर पालिका में जनशक्ति की कमी के कारण सरकार की गतिविधियों और योजनाओं के कार्यान्वयन में देरी हो रही है। इसलिए नगर पालिका के कर्मचारियों की संख्या बढ़ाना जरूरी था।