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वन्यजीवों की अवैध हत्या करने वाला फरार, काल-जादू करने के लिए करता था शिकार


चंद्रपुर: सिंदेवाही तहसील के शिवानी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत एक व्यक्ति के घर व खेत में जंगली जानवरों के अवशेष होने की गोपनीय सूचना वन अधिकारियों को मिली थी। इन अवशेषों का काला जादू में इस्तेमाल होने की सूचना के आधार पर सोमवार को शिवानी वन परिक्षेत्र के अधिकारियों ने एसटीपीएफ व पीआरटी टीम के सहयोग से आरोपी मुरलीधर हरबाजी गायकवाड़ के घर व खेत की पूरे वारंट के साथ तलाशी ली।

इस बीच जंगली जानवरों की हड्डियां मिली हैं और इस घटना से ताडोबा के बफर जोन में वन विभाग में काफी हड़कंप मच गया है। इस बीच आरोपी फरार हो गया है और उसकी तलाश के लिए वन विभाग की टीम भेजी गई है। शिवानी क्षेत्र में वन्य जीवों के अवशेष मिले हैं। मामला ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व के बफर जोन के अंतर्गत आने वाले शिवानी क्षेत्रीय वन क्षेत्र का सामने आया है और वन विभाग आरोपियों के घर और खेत में फिर से पूछताछ कर रहा है। 

इस बीच आरोपी के मिलने के बाद यह खुलासा होने की संभावना है कि कितने जंगली जानवरों का शिकार किया गया था।  भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

यह कार्रवाई बफर जोन के उपनिदेशक कुशाग्र पाठक, सहायक वन संरक्षक येदे और वन परिक्षेत्र अधिकारी तुपे के नेतृत्व में की गई. इस कार्रवाई के दौरान क्षेत्र सहायक बुल्ले, पेंडोर, प्रधान, वन रक्षक मेश्राम, चाहंडे, गायकवाड़, एम. एक। गायकवाड, ठाकरे, मदावी, लोखंडे, सावासकदे, कोवे, शेख, सोंडावाले, भरने, कुमारी किन्हेकर सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।