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Chandrapur

एक दिन पहले ली भ्रष्टाचार नहीं करने की शपथ, दूसरे दिन मांगी दो लाख की रिश्वत


चंद्रपुर: कोई भी बडा निर्माणकार्य लिया जाता है तो ठेकेदार को ऊपर से नीचे तक संबंधित महकमे को चढावा चढाने की परंपरा वर्षों से होती आ रही है. यही कारण कि किया गया कार्य निकृष्ट दर्जे का होने और इसमें कई खामियां होने की बातें सामने आती है. परंतु कुछ ठेकेदार होते है जो अपने काम पूरी तरह से ईमानदार होते है वे लिए गए काम में किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं करते हुए उसे पूरा करते है. 

ऐसे ही ठेकेदार ने पूरी ईमानदारी से पुल का निर्माण किया परंतु उसके इसके काम में निर्धारित मंजूर राशि मिलनी चाहिए थी परंतु संबंधित विभाग के एक अभियंता ने उससे दो लाख रूपयों की मांग कर दी. ठेकेदार ने झुकने के बजाय इसकी शिकायत रिश्वत प्रतिबंधक विभाग में कर दी और आरोपी इंजीनियर दो लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार हुआ. गौरतलब है कि एक दिन पूर्व ही सरदार वल्लभभाई पटेल के जयंती पर सभी सरकारी विभागों के अधिकारियों, कर्मियों ने भ्रष्टाचार नहीं करने की शपथ ली थी.

रिश्वत प्रतिबंधक विभाग ने लोकनिर्माण विभाग जिवती के कनिष्ठ अभियंता अनिल शिंदे को एक शिकायतकर्ता से रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है. आरोपी ने शिकायतकर्ता से 2 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी. इसी इंजीनियर ने एक दिन पूर्व 31 अक्टूबर को भ्रष्टाचार नहीं किए जाने की शपथ ली थी.

शिकायतकर्ता वरूर रोड निवासी है. जो कि ठेकेदारी का व्यवसाय करता है. शिकायतकर्ता ने पिछले वर्ष सितंबर/ अक्टूबर महीने में आर.सी.एल. डब्ल्यू ई. इस केन्द्र सरकार की योजना अंतर्गत मुंगसाजी कंन्स्ट्रक्शन कंपनी यवतमाल की ओर से चंद्रपुर जिले के जिवती तहसील में पुल निर्माण का काम लिया था. उक्त पुल निर्माण के काम शिकायतकर्ता ने पूर्ण किया है. किए गए पुल निर्माण के काम का निरीक्षण शिंदे ने किया था. शिकायतकर्ता ने किए गए कार्य का अंदाजित 1 करोड रुपये के कुल 4 बिल पेश किए थे.

इन 4 बिलों में से 2 बिल तैयार कर मंजूर करने के लिए सार्वजनिक निर्माणकार्य विभाग चंद्रपुर में भेजने और बिल मंजूर कराने और शेष बचे हुए दो बिलों को तैयार कर उन्हें भी मंजूरी के लिए भेजने के एवज में सार्वजनिक निर्माणकार्य उपविभाग जिवती के कनिष्ठ अभियंता श्रेणी 2  अनिल जगन्नाथ शिंदे ने शिकायतकर्ता से दो लाख रुपये की रिश्वत की मांग की.

शिकायतकर्ता की दो लाख रुपये रिश्वत देने की इच्छा नहीं थी. उसने 7 जून 2022 को शिकायत की थी. प्राप्त शिकायत पर 8 जून 2022 को पूरी जांच पडताल की गई. जिसमें पाया गया कि कनिष्ठ अभियंता शिंदे ने शिकायत कर्ता से दो लाख रुपयों की मांग की है और बिल मंजूर होने के बाद यह राशि देना तय हुआ है. इसके चलते बिल मंजूर होने पर आज 1 नवंबर 2022 को रिश्वत प्रतिबंधक विभाग ने कनिष्ठ अभियंता अनिल जगनाथ शिंदे को शिकायतकर्ता ठेकेदार से दो लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया. 

इस कार्यवाही को नागपुर रिश्वत प्रतिबंधक विभाग के पुलिस अधीक्षक विशाल गायकवाड, अप्पर पुलिस अधीक्षक मधुकर गीते, पुलिस उपअधीक्षक अविनाश भामरे, पुलिस निरीक्षक शिल्पा भरडे, कार्यालयीन स्टाफ सफौ रमेश दुपारे, नापुका. रोशन चांदेकर, नरेशकुमार नन्नावरे, पुलिस कान्स्टेबल रविकुमार ढेंगले, वैभव गाईगे, अमोल सिडाम, राकेश जांभुलकर, स.पु का. मेघा मोह, पुष्पा कोचोले, पुका. हाके ने सफलतापूर्वक पूरी की. कोई भी अधिकारी, कर्मचारी या कोई भी निजी व्यक्ति रिश्वत की मांग करता है तो रिश्वत प्रतिबंधक विभाग से संपर्क करने का आहवान किया गया है.