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Nagpur

अब कचरे से तैयार होगा बायो सीएसजी, मनपा व सस्टेनेबल बिझनेस डेव्हलपमेंट में हुआ करार


नागपुर: महानगर पालिका (Nagpur Municipal Corporation) के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए नीदरलैंड की कंपनी से क़रार किया है। इस क़रार के तहत कंपनी नागपुर में अपना प्लांट स्थापित करेगी जिसके तहत न सिर्फ वेस्ट का मैनेजमेंट होंगे बल्कि उससे बायो सीएनजी तैयार की जायेगी। गुरुवार को मनपा और कंपनी के बीच क़रार की प्रक्रिया पूरी हुई। मनपा आयुक्त राधाकृष्णनन बी ने बताया कि, "वेस्ट मैनेजमेंट के लिए देश में यह अब तक सबसे बड़ा प्लांट है। इस प्रोजेक्ट के तहत शहर के कचरे पर प्रक्रिया होगी बल्कि मनपा को आर्थिक मुनाफ़ा भी होगा। 

नागपुर महानगर पालिका से शहर के रोजाना निकलने वाले कचरे के ही साथ वर्षो से डम्पिंग यार्ड में जमा पड़े 13 लाख मेट्रिक टन कचरे पर प्रक्रिया कर निपटारा किया जायेगा। इसके लिए नागपुर महानगर पालिका ने विश्व की बेहतरीन तकनीक के साथ काम करने वाली नीदरलैंड की कंपनी सस्टेनेबल बिझनेस डेव्हलपमेंट (एसयूएसबीडीई) के साथ समझौता किया है... इस समझौते के तहत कंपनी नागपुर में 300 करोड़ की लागत से प्रोजेक्ट लगाएगी जहां अक्षय ऊर्जा निर्मिती, बायो सीएनजी, बायोगॅस, खाद और ऐसी वास्तु जिसका फिर से इस्तेमाल किया जा सकता है उसका निर्माण करेगी। मनपा आयुक्त ने बताया की देश में नागपुर एक मात्र ऐसा शहर है जहां इतने बड़े स्तर का प्रोजेक्ट लगाया जा रहा है 

छह महीने में शुरू होगा प्रोजेक्ट

नागपुर शहर में रोजाना 1200 मेट्रिक टन कचरा निकलता है। इस प्रोजेक्ट के तहत इसी कचरे पर प्रक्रिया की जायेगी मनपा आयुक्त के मुताबिक आगामी 6 महीने में यह प्रोजेक्ट काम करना शुरू कर देगा शुरुवात में हर दिन 600 मैट्रिक टन कचरे पर प्रक्रिया होगी। 18 महीने बाद जब प्रोजेक्ट पूर्ण क्षमता से शुरू हो जायेगा तो प्रतिदिन 1200 मेट्रिक टन कचरे पर प्रक्रिया की जायेगी। इस प्रोजेक्ट के लिए महानगर पालिका कंपनी को 30 एकड़ की जगह उपलब्ध करायेगी। प्रोजेक्ट के लिए सारा निवेश कंपनी का रहेगा मनपा को इस प्रोजेक्ट की वजह से सालाना 15 लाख रूपए की रॉयल्टी और कचरे की प्रक्रिया के बाद मिलने वाले कार्बन क्रेडिट में से 50 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा।।

15 साल के लिए कंपनी से कारर 

कंपनी के साथ मनपा ने इस प्रोजेक्ट के लिए 15 साल का क़रार किया है.. अगर सब कुछ ठीक रहता है तो इसे 30 वर्ष तक किया जा सकता है.अब तक देश के किसी भी शहर में कचरे पर प्रक्रिया करने वाला इतना बड़ा प्रोजेक्ट नहीं है.मनपा आयुक्त ने यह भी दावा किया की यह प्रोजेक्ट इको फ्रेंडली रहेगा,फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट के तहत हो रहे इस निवेश में कई स्थानीय कंपनियों की भी हिस्सेदारी रहेगी।