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Maharashtra

आधार से बने सभी जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र रद्द, धोखाधड़ी रोकने के लिए सरकार की कड़ी कार्रवाई; 14 जिलों में विशेष निगरानी शुरू


मुंबई/नागपुर: राज्य सरकार ने आधार के ज़रिए बने सभी फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों पर बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। धोखाधड़ी रोकने के लिए अब ऐसे सभी संदिग्ध प्रमाणपत्र रद्द किए जाएंगे और पूरे राज्य में प्रशासन को कड़ी निगरानी के निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार का यह कदम जालसाजी और फर्जी पहचान के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

महाराष्ट्र सरकार ने आधार लिंक्ड जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्रों में सामने आई गड़बड़ियों पर सख्त रुख अपनाते हुए सभी संदिग्ध प्रमाणपत्रों को रद्द करने का निर्णय लिया है। राज्य में बड़ी संख्या में फर्जी प्रमाणपत्र बन रहे थे, जिनका इस्तेमाल विभिन्न सरकारी लाभ, दस्तावेज़ों और पहचान से जुड़ी प्रक्रियाओं में किया जा रहा था। इसी को देखते हुए राज्य प्रशासन को तत्काल जांच तेज़ करने और सभी जिलों में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों के अनुसार, 


  • केवल आधार कार्ड को “साक्ष्य” मानकर जारी किए गए जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र रद्द किए जाएंगे।
  • जिन प्रमाणपत्रों में आवेदनकर्ता के आधार डिटेल्स और आधार डेटा मैच नहीं पाए गए, उन्हें तुरंत अमान्य किया जाएगा।
  • अधिकारी अब हर प्रमाणपत्र की डिजिटल ट्रैकिंग करेंगे और संदेहास्पद मामलों को चिन्हित करके रिपोर्ट सौंपेंगे।

अकोला, अमरावती समेत 14 जिलों को विशेष निगरानी सूची में रखा गया है। इन जिलों में प्रमाणपत्रों की संख्या और गड़बड़ियों की शिकायतें सबसे ज्यादा मिली थीं। इसमें अकोला, अमरावती, चंद्रपुर, नांदेड, लातूर, उस्मानाबाद, बुलढाणा, बीड, गोंदिया, गड़चिरोली, अहमदनगर जैसे जिले शामिल हैं।

सरकार का मानना है कि फर्जी प्रमाणपत्र न सिर्फ प्रशासन के लिए खतरा हैं, बल्कि कई लोग इसका दुरुपयोग कर रहे हैं. जैसे उम्र बदलना, अवैध दस्तावेज़ बनाना और सरकारी योजनाओं का गलत लाभ लेना। इसी को रोकने के लिए अब पूरे राज्य में विशेष अभियान चलाया जाएगा।

अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि जिन लोगों ने फर्जी प्रमाणपत्र बनवाए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए और पूरे रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से दोबारा सत्यापित किया जाए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान व्यापक होगा और इसमें कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।