logo_banner
Breaking
  • ⁕ कर्जदार किसान की 'किडनी बिक्री' मामले में नया मोड़! फरार चल रहे डॉ. रवींद्र पाल सिंह ने कोर्ट में किया सरेंडर, दूसरा मुख्य आरोपी अब भी फरार ⁕
  • ⁕ लाडली बहन योजना में बड़ा खेल! 12 हजार सरकारी कर्मचारियों ने बटोरे पैसे; विधानसभा में सरकार ने कबूली चौंकाने वाली बात ⁕
  • ⁕ Nagpur: बजाजनगर के अवैध रेस्टोरेंट्स पर चलेगा बुलडोजर! हाईकोर्ट की फटकार के बाद फडणवीस सरकार ने खारिज की अपील ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र विधानसभा: मानसून सत्र के तीसरे दिन किसानों के लिए बड़ा ऐलान, 30 जून तक 56 लाख किसानों की कर्जमाफी ⁕
  • ⁕ NEET सेंटर विवाद में बड़ा ट्विस्ट! NTA बोली- अभ्यर्थी ने खुद चुना था एग्जाम सिटी"; पिता तालिब ने दावे को किया ख़ारिज ⁕
  • ⁕ अमरावती में भारी हंगामा: किरीट सोमैया की गाड़ी के आगे लेटे MIM कार्यकर्ता, पुलिस ने बल प्रयोग कर हटाया ⁕
  • ⁕ खड़ी निजी बस में लगी आग, टेकड़ी रोड के एमपी बस स्टैंड की घटना; परिसर में मचा हड़कंप ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Nagpur

Amravati: ज़िला परिषद निर्वाचन क्षेत्रों की घोषणा टली, अब 22 अगस्त को पेश होगी नई रचना


अमरावती: अमरावती ज़िला परिषद के मतदारसंघों की घोषणा एक बार फिर टल गई है। अब नई रचना की घोषणा 22 अगस्त को विभागीय आयुक्त श्वेता सिंघल करेंगी। इस बार कई तहसीलों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

राज्य चुनाव आयोग ने यह अधिकार विभागीय आयुक्त को सौंप दिया है। इससे पहले आयोग के आयुक्त दिनेश वाघमारे और सचिव सुरेश काकाणी ने अमरावती सहित अन्य ज़िलों का दौरा कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा की थी। नागरिकों से आपत्तियाँ और सुझाव भी लिए गए हैं, जिनका असर अंतिम सूची में दिखेगा। नई रचना में कई बदलाव किए गए हैं।

चांदूर रेलवे तहसील का एक निर्वाचन क्षेत्र घटाया गया है, जबकि अचलपुर तहसील में एक नया जोड़ा गया है। मेलघाट को छोड़कर लगभग सभी निर्वाचन क्षेत्रों के नाम बदले गए हैं। कुछ जगहों पर पास के गाँवों को बाहर रखकर दूर के गाँवों को शामिल करने पर नागरिकों ने आपत्ति जताई है। पहले यह अधिकार जिला चुनाव अधिकारी और ज़िलाधिकारी के पास था, लेकिन अब ग्रामविकास विभाग के माध्यम से विभागीय आयुक्त अंतिम घोषणा करेंगे।