logo_banner
Breaking
  • ⁕ जिला परिषद और पंचायत समिति के लिए 5 फरवरी को होगा का मतदान, 7 को मतगणना, दो चरणों में होगा चुनाव ⁕
  • ⁕ राज्य चुनाव आयोग ने ‘लाडली बहन योजना’ का लाभ अग्रिम रूप से देने पर लगाई रोक ⁕
  • ⁕ Nagpur: क्राइम ब्रांच की छापा मार कार्रवाई, साढ़े पाँच लाख का प्रतिबंधित गुटखा–तंबाकू जब्त ⁕
  • ⁕ Nagpur: नायलॉन मांजा पर हाईकोर्ट सख्त, पतंग उड़ाने पर 25,000 और बेचने पर 2.5 लाख रुपये का जुर्माना ⁕
  • ⁕ मनपा चुनाव के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार; सुरक्षा और तकनीकी इंतज़ाम पुख्ता, दोपहर तक परिणाम की संभावना ⁕
  • ⁕ मनपा चुनाव प्रचार का आज अंतिम दिन, रैलियों और जनसभाओं के ज़रिए प्रत्याशी झोंकेंगे पूरी ⁕
  • ⁕ प्रचार के अंतिम दिन भाजपा ने झोंकी पूरी ताक़त; फडणवीस निकाल रहे बाइक रैली, गडकरी और बावनकुले की जनसभाओं से मांगे जाएंगे वोट ⁕
  • ⁕ चांदी के भाव में उछाल का दौर जारी; नागपुर सराफा बाजार में 2,53,500 प्रति किलो पर पहुंची चांदी ⁕
  • ⁕ Bhandara: लाखोरी गांव के पास घूम रहे तीन भालू, इलाके में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Nagpur: नकली एमडी बिक्री विवाद में युवक पर जान लेवा हमला, चाकू मार कर किया गंभीर रूप से घायल ⁕
Nagpur

आपल बस हड़ताल: प्रशासन ने दिया लिखित आश्वासन, 2 दिन में अंतिम समाधान का वादा; कर्मचारियों ने आंदोलन रोका


नागपुर: नागपुर में सिटी बस कर्मचारियों की हड़ताल ने प्रशासन को झुकने पर मजबूर कर दिया है। मांगों को लेकर दो दिनों से जारी आंदोलन के बीच आखिरकार नगर प्रशासन ने लिखित आश्वासन दिया है कि विवाद का अंतिम समाधान जल्द तय किया जाएगा।

नागपुर में सिटी बस कर्मचारियों द्वारा शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल ने पूरे शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को लगभग पंगु बना दिया। बस डिपो से लेकर सड़कों तक सन्नाटा पसरा रहा और हजारों यात्री सुबह से ही वैकल्पिक व्यवस्था तलाशते दिखे। हड़ताल के समर्थन में बड़ी संख्या में कर्मचारी सड़कों पर उतर आए, जिससे दबाव बढ़ता गया और अंततः नगर प्रशासन को दो दिनों के भीतर अंतिम समाधान की दिशा में कदम उठाने का वादा करना पड़ा।

आंदोलनकारियों ने साफ कहा है कि यदि दिये गए समय में ठोस समाधान सामने नहीं आता, तो आंदोलन और उग्र रूप लेगा तथा शहर की परिवहन व्यवस्था पूरी तरह ठहर जाएगी। उधर, मनपा परिसर में किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। बस डिपो में खड़ी 300 से अधिक बसें बंद रहने के कारण शहरभर के यात्रियों, कर्मचारियों, छात्रों और कामकाजी वर्ग को पूरे दिन भारी असुविधा उठानी पड़ी।

फिलहाल प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन अस्थायी रूप से शांत हुआ है, लेकिन सिटी बस संचालन से जुड़े मुद्दों के स्थायी समाधान की मांग पहले से अधिक तेज होकर सामने आ रही है। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि अगले दो दिनों में प्रशासन क्या निर्णायक कदम उठाता है, क्योंकि इसी पर आंदोलन की अगली दिशा और शहर की परिवहन व्यवस्था की स्थिति तय होगी।