logo_banner
Breaking
  • ⁕ कांग्रेस सांसद प्रतिभा धानोरकर का बड़ा दावा, भाजपा पर कांग्रेस का आरोप, कहा - एक वोट की कीमत 5000 रुपये ⁕
  • ⁕ नागपुर बुक फेस्टिवल में बोले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, कहा - मैं बहुत आलसी हूँ, लेकिन ... ⁕
  • ⁕ ऑपरेशन थंडर अंतर्गत क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, मुंबई से आई MD ड्रग्स की खेप के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार” एक अन्य की तलाश ⁕
  • ⁕ Akola: विकास के लिए भाजपा के हाथ में दें सत्ता: रवींद्र चव्हाण ⁕
  • ⁕ उपराजधानी नागपुर में लौटी ठंड, शनिवार को पारा गिरकर 11 डिग्री सेल्सियस हुआ दर्ज ⁕
  • ⁕ Ramtek: सुप्रीम कोर्ट में स्थानीय निकाय चुनाव का मामला लंबित होने से चिंता में उम्मीदवार ⁕
  • ⁕ Amravati: देवेंद्र फडणवीस का नवनीत राणा पूर्व सांसद नहीं रहेंगी वाला बयान से शुरू हुईं चर्चा, नवनीत राणा कहा - मैं फिर आऊंगी ⁕
  • ⁕ Akola: अपने बयान के लिए चर्चा में रहे अजित पवार ने अकोला में सार्वजनिक सभा में मांगी माफी ⁕
  • ⁕ Saoner: संविधान दिवस के मौके पर सावनेर में निकली रैली, सैकड़ो की संख्या में नागरिक रैली में हुए शामिल ⁕
  • ⁕ कांग्रेस सहित महाविकास अघाड़ी की सुस्त शुरुआत पर आशीष जायसवाल का तंज, कहा- चुनाव में लड़ने की मानसिकता नहीं ⁕
Amravati

Amravati: सांसद बलवंत वानखेड़े ने जिले में गिला अकाल घोषित करने की मांग, कहा- सरकार के मंत्री खेतों का जायजा लेने तक नहीं गए


अमरावती: जिले में हुई मूसलाधार बारिश से फसलों को भारी नुकसान पंहुचा है। कपास, सोयाबीन सहित संतरे की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। इस कारण किसान मुश्किल में फंस गया है। फसलों को हुए नुकसान और बढ़ती मुश्किलों को देखते हुए सांसद बलवंत वानखेड़े ने सरकार से गिला अकाल घोषित करने की मांग की है। यही नहीं वानखेड़े ने सरकार पर हमला भी बोला। सांसद ने कहा कि, "किसान मुश्किल में फंसे हैं, लेकिन कोई भी मंत्री उनकी सुध लेने नहीं आया और न ही उनके खेतों में नुकसान देखने पहुंचे।"

वानखेड़े ने कहा, "अमरावती जिले में सोयाबीन और कपास की फसल भारी और लगातार बारिश से बुरी तरह प्रभावित हुई है, इसलिए सरकार को अमरावती जिले में सूखाग्रस्त घोषित करना चाहिए और चुनाव में किए गए कर्जमाफी के वादे को पूरा करते हुए कर्जमाफी करनी चाहिए।"

सांसद ने कहा, "अमरावती जिले में लगातार बारिश हो रही है, इसलिए बारिश की स्थिति बहुत गंभीर है। सोयाबीन पूरी तरह से मिट्टी में मिल गया है। लेकिन इस सरकार को जो महसूस होना चाहिए, वह महसूस नहीं हो रहा है, कृषि क्षेत्र में एक भी मंत्री नहीं आया है। किसान तबाह हो गए हैं, किसान बर्बादी के कगार पर आ गए हैं, सरकार किसानों को वैसे ही मरने देने की सोच रही है जैसे वे मर रहे हैं, इसलिए सांसद वानखड़े ने मांग की कि सरकार सूखाग्रस्त घोषित करे।