logo_banner
Breaking
  • ⁕ जिला परिषद और पंचायत समिति के लिए 5 फरवरी को होगा का मतदान, 7 को मतगणना, दो चरणों में होगा चुनाव ⁕
  • ⁕ राज्य चुनाव आयोग ने ‘लाडली बहन योजना’ का लाभ अग्रिम रूप से देने पर लगाई रोक ⁕
  • ⁕ Nagpur: क्राइम ब्रांच की छापा मार कार्रवाई, साढ़े पाँच लाख का प्रतिबंधित गुटखा–तंबाकू जब्त ⁕
  • ⁕ Nagpur: नायलॉन मांजा पर हाईकोर्ट सख्त, पतंग उड़ाने पर 25,000 और बेचने पर 2.5 लाख रुपये का जुर्माना ⁕
  • ⁕ मनपा चुनाव के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार; सुरक्षा और तकनीकी इंतज़ाम पुख्ता, दोपहर तक परिणाम की संभावना ⁕
  • ⁕ मनपा चुनाव प्रचार का आज अंतिम दिन, रैलियों और जनसभाओं के ज़रिए प्रत्याशी झोंकेंगे पूरी ⁕
  • ⁕ प्रचार के अंतिम दिन भाजपा ने झोंकी पूरी ताक़त; फडणवीस निकाल रहे बाइक रैली, गडकरी और बावनकुले की जनसभाओं से मांगे जाएंगे वोट ⁕
  • ⁕ चांदी के भाव में उछाल का दौर जारी; नागपुर सराफा बाजार में 2,53,500 प्रति किलो पर पहुंची चांदी ⁕
  • ⁕ Bhandara: लाखोरी गांव के पास घूम रहे तीन भालू, इलाके में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Nagpur: नकली एमडी बिक्री विवाद में युवक पर जान लेवा हमला, चाकू मार कर किया गंभीर रूप से घायल ⁕
Amravati

Amravati: प्रहार चंदू खेडकर की प्रशासन को चेतावनी, कहा - चार दिन में अनुदान दो, वरना कार्यालय में ही होगा विरोध प्रदर्शन


अमरावती: संजय गांधी निराधार योजना और श्रवणबल निराधार योजना के तहत दिव्यांगों, वृद्धों और विधवाओं को पिछले कई महीनों से अनुदान नहीं मिलने से प्रशासन की उदासीनता के खिलाफ रोष व्याप्त है। प्रहार संगठन के नेता चंदू खेड़कर के नेतृत्व में इस अन्याय के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है।

चंदू खेडकर ने ज्ञापन में बताया है कि अमरावती शहर और उसके आसपास के कई निराश्रित लाभार्थियों को पिछले सात-आठ महीनों से सब्सिडी नहीं मिली है। कुछ को एक बार किश्त मिली, लेकिन उसके बाद सब्सिडी बंद हो गई। इससे दिव्यांग, बुजुर्ग और विधवा लाभार्थी आर्थिक तंगी में हैं। सरकार ने भले ही इन योजनाओं के ज़रिए मदद देने का वादा किया हो, लेकिन हकीकत में लाभार्थियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

खेडकर ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा, “अगर चार दिनों के भीतर लंबित अनुदान स्वीकृत कर लाभार्थियों के खातों में जमा नहीं किया गया, तो हम अपने कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरना देंगे। अगर इस धरना-प्रदर्शन के दौरान कोई अप्रिय घटना घटती है, तो उसकी पूरी ज़िम्मेदारी प्रशासन की होगी।”

इस चेतावनी से सामाजिक हलकों में हड़कंप मच गया है। बड़ी संख्या में विकलांग और बेसहारा लाभार्थी न्याय की गुहार लगाने के लिए इकट्ठा हुए हैं, और आम जनता सरकार से तुरंत सकारात्मक निर्णय लेने की मांग कर रही है।