logo_banner
Breaking
  • ⁕ मनोज जरांगे की ऑडियो क्लिप की होगी फॉरेंसिक जांच, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- ढाई साल बाद क्लिप का बाहर आने का क्या उद्देश्य? ⁕
  • ⁕ MLC Election: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया मतदान, बोले- जनता में दिख रहा उत्साह ⁕
  • ⁕ चुनाव आते ही उर्दू स्कूलों की याद क्यों? किरण सरनाईक पर यशोमती ठाकुर का निशाना ⁕
  • ⁕ शिक्षकों का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल हुआ तो रद्द होगी संस्था की मान्यता! चंद्रशेखर बावनकुले की चेतावनी ⁕
  • ⁕ अनिल बोंडे का बागी उम्मीदवार डॉ. संगीता शिंदे को आशीर्वाद, महायुति में बढ़ी कलह ⁕
  • ⁕ Akola: काटेपूर्णा और मोर्णा बांध से मिलेगा 24.03 दलघमी पानी, शहर की जलापूर्ति को राहत ⁕
  • ⁕ Chandrapur: पति के सामने बाघ ने महिला पर किया हमला, खेत में काम करते समय दर्दनाक मौत..! ⁕
  • ⁕ Buldhana: 'हमें भीख नहीं, मदद चाहिए', बुलढाणा में किसान संघ ने कद्दू और चॉकलेट देकर सरकार के खिलाफ निकाला गुस्सा.. ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Gadchiroli

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस गढ़चिरोली में अगले सप्ताह रखेंगे एलएमईएल की इस्पात परियोजना की आधारशिला


गढ़चिरोली: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अगले सप्ताह गढ़चिरोली जिले के कोनसारी में लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड के 4.5 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता वाले इस्पात संयंत्र की आधारशिला रखेंगे। यह परियोजना विदर्भ में पहली एकीकृत इस्पात परियोजना होगी।

मुख्यमंत्री फडणवीस 22 जुलाई को कोंसारी में इस्पात परियोजना की आधारशिला रखेंगे। उसी दिन वे हेडरी में स्थापित 50 लाख टन प्रतिवर्ष क्षमता वाले लौह अयस्क पिसाई संयंत्र का भी उद्घाटन करेंगे। यह परियोजना एलएमईएल द्वारा मात्र एक वर्ष में पूरी कर क्रियान्वित की गई। एलएमईएल के प्रबंध निदेशक बी प्रभाकरन ने कहा, “गढ़चिरोली जिले के कोंसारी में विदर्भ की पहली एकीकृत इस्पात परियोजना की आधारशिला रखी जा रही है। यह एक ऐतिहासिक सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

इसके साथ ही, 10 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता वाली स्लरी पाइपलाइन परियोजना का भी उद्घाटन किया जाएगा। यह पाइपलाइन महाराष्ट्र में पहली चालू लौह अयस्क स्लरी पाइपलाइन होगी। हेडरी से कोंसारी पेलेट प्लांट के बीच 85 किलोमीटर लंबी यह पाइपलाइन कच्चे माल के परिवहन के लिए महत्वपूर्ण है, इससे कार्बन उत्सर्जन में 55 प्रतिशत की कमी आएगी और पूरी परियोजना की पीसने की दक्षता में वृद्धि होगी।