ओबीसी आरक्षण: आज सुप्रीम कोर्ट में बड़ी सुनवाई, नागपुर सहित राज्य के 17 जिलों की नगर निकाय चुनाव प्रक्रिया का होगा फैसला
नागपुर: महाराष्ट्र में लोकल बॉडी इलेक्शन में OBC रिज़र्वेशन का मामला एक बार फिर दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। आज इस मामले में एक अहम सुनवाई होगी, और इस पर राज्य में ज़िला परिषद और पंचायत समिति इलेक्शन की किस्मत का फ़ैसला होगा। इस समय, राज्य में नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के चुनाव ज़ोरों पर हैं। 246 नगर पालिकाओं और 42 नगर पंचायतों में नॉमिनेशन फाइल हो चुके हैं, और कई जगहों पर सीधे मुकाबले चल रहे हैं। ऐसे में, सुप्रीम कोर्ट की आज की राय का राज्य के पॉलिटिकल माहौल पर बड़ा असर पड़ सकता है।
मंगलवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने नगर पालिका और नगर पंचायत इलेक्शन टालने से साफ़ मना कर दिया। हालांकि, स्टेट इलेक्शन कमीशन ने भी कोर्ट में माना कि 40 नगर परिषदों और 17 नगर पंचायतों में 50% रिज़र्वेशन की लिमिट पार हो गई है। इससे बैलेंस्ड रिज़र्वेशन स्ट्रक्चर पर सवालिया निशान लग गया है। चूंकि संविधान में रिज़र्वेशन की मैक्सिमम लिमिट 50% तय है, इसलिए कमीशन की अपडेटेड रिपोर्ट के बाद कोर्ट के आदेश इलेक्शन प्रोसेस को बदल सकते हैं।
विकास गवली ने कोर्ट में इस पिटीशन पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि राज्य सरकार ने कुछ जगहों पर OBC और दूसरे ग्रुप्स को बहुत ज़्यादा रिज़र्वेशन देकर कॉन्स्टिट्यूशनल लाइन पार की है। दूसरी तरफ, राज्य सरकार बंथिया कमीशन की रिपोर्ट दिखाकर दावा कर रही है कि उसने कानून के दायरे में रिज़र्वेशन तय किया है। इन दोनों पक्षों की दलीलों पर कोर्ट क्या फैसला देता है, यह अहम होगा।
मंगलवार की सुनवाई में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने राज्य से और समय देने की रिक्वेस्ट की। इस पर पिटीशनर्स ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि चुनाव अनाउंस हो चुके हैं, एप्लीकेशन भरे जा चुके हैं और अब क्या समय है? कोर्ट ने कोई भी राय रिकॉर्ड करने से परहेज किया, लेकिन कमेंट किया कि चुनाव फाइनल ऑर्डर के दायरे में ही होंगे। इसलिए, आज सुनवाई तय की गई है। आज का फैसला भविष्य के रिज़र्वेशन स्ट्रक्चर के लिए एक गाइड हो सकता है।
कई जगहों पर कैंडिडेचर बदलने की संभावना
जहां अभी चुनाव कैंपेन ज़ोरों पर है, वहीं कोर्ट का मामला अचानक बढ़ने से पॉलिटिकल नेताओं का ध्यान भी इस बात पर है कि कोर्ट में क्या होता है। अगर कोर्ट रिज़र्वेशन स्ट्रक्चर में बदलाव का ऑर्डर देता है, तो कई जगहों पर कैंडिडेचर बदलने की संभावना है। राज्य में कई पार्टियां पहले से ही एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं, ऐसे में यह मामला और भी गरमाने की संभावना है। इसलिए, आज की सुनवाई पर पूरे महाराष्ट्र का ध्यान ज़रूर रहेगा।
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