खंडाळा घाट में बीच सड़क पर बस रोककर खड़ी हुई 'वानर सेना', यात्रियों ने भांपी बेजुबानों की प्यास; दिल छू लेगा यह वीडियो
यवतमाल: वर्तमान में भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान का असर न केवल इंसानों पर, बल्कि बेजुबान वन्यजीवों पर भी भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। इसका एक बेहद भावुक और ज्वलंत उदाहरण कल दोपहर करीब तीन बजे पुसद के खंडाळा घाट में देखने को मिला। जहां प्यास से व्याकुल बंदरों के एक झुंड को पानी पिलाने के लिए बस यात्रियों ने अपनी संवेदनशीलता दिखाई।
रास्ता रोककर खड़ी हो गई 'वानर सेना'
मिली जानकारी के अनुसार, वाशिम से पुसद की ओर आ रही महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडळ (MSRTC) की धुळे-यवतमाल बस जैसे ही खंडाळा घाट के समीप पहुंची, अचानक एक बंदर जंगल से निकलकर सीधे सड़क पर बस के आगे आकर खड़ा हो गया। बस चालक और सह-यात्रियों ने हॉर्न बजाकर और आवाजें देकर बंदर को रास्ते से हटाने का प्रयास किया, लेकिन वह वहां से टस से मस नहीं हुआ।
यात्रियों ने भांपी बेजुबानों की प्यास
बंदर के इस अजीब व्यवहार को देखकर बस में सवार कुछ सजग यात्रियों ने अंदाजा लगाया कि भीषण गर्मी के कारण यह बेजुबान शायद बेहद प्यासा है। यात्रियों ने तुरंत अपनी खिड़की से पानी की एक बोतल नीचे गिराई। जैसे ही उस बंदर ने बोतल से पानी पीना शुरू किया, उसे देखकर देखते ही देखते जंगल से बंदरों की पूरी टोळी वहां जमा हो गई। प्यास से बेहाल बंदर पानी पाने के लिए मानो छटपटा रहे थे।
यह हृदयस्पर्शी नजारा देखकर बस में बैठे अन्य यात्रियों का भी दिल पसीज गया। यात्रियों ने बिना देरी किए अपने पास मौजूद पीने के पानी की बोतलें आगे बढ़ा दीं और उन बेजुबानों की प्यास बुझाई। पानी पीने के बाद ही बंदरों का झुंड रास्ते से हटा और बस आगे रवाना हो सकी।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
इस पूरी भावुक कर देने वाली घटना को बस में सफर कर रहीं महिला यात्री लता श्रीवास ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग यात्रियों की इस सहृदयता की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
वन विभाग के दावों पर उठे सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों द्वारा वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। नियमानुसार, वन विभाग द्वारा गर्मी के दिनों में वन्यजीवों के लिए जंगलों में कृत्रिम जलस्रोतों (पाणवठों) की व्यवस्था की जाती है। लेकिन खंडाळा घाट की इस घटना ने साफ कर दिया है कि जंगलों में पानी की भारी किल्लत है, जिसके कारण वन्यजीवों को अपनी प्यास बुझाने के लिए जान जोखिम में डालकर सड़कों पर आना पड़ रहा है। स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों ने वन विभाग से घाट परिसर और घने जंगलों में तुरंत पानी की सुचारू व्यवस्था करने की मांग की है।
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