logo_banner
Breaking
  • ⁕ मनोज जरांगे की ऑडियो क्लिप की होगी फॉरेंसिक जांच, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- ढाई साल बाद क्लिप का बाहर आने का क्या उद्देश्य? ⁕
  • ⁕ MLC Election: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया मतदान, बोले- जनता में दिख रहा उत्साह ⁕
  • ⁕ चुनाव आते ही उर्दू स्कूलों की याद क्यों? किरण सरनाईक पर यशोमती ठाकुर का निशाना ⁕
  • ⁕ शिक्षकों का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल हुआ तो रद्द होगी संस्था की मान्यता! चंद्रशेखर बावनकुले की चेतावनी ⁕
  • ⁕ अनिल बोंडे का बागी उम्मीदवार डॉ. संगीता शिंदे को आशीर्वाद, महायुति में बढ़ी कलह ⁕
  • ⁕ Akola: काटेपूर्णा और मोर्णा बांध से मिलेगा 24.03 दलघमी पानी, शहर की जलापूर्ति को राहत ⁕
  • ⁕ Chandrapur: पति के सामने बाघ ने महिला पर किया हमला, खेत में काम करते समय दर्दनाक मौत..! ⁕
  • ⁕ Buldhana: 'हमें भीख नहीं, मदद चाहिए', बुलढाणा में किसान संघ ने कद्दू और चॉकलेट देकर सरकार के खिलाफ निकाला गुस्सा.. ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Yavatmal

Yavatmal: बाढ़ पीड़ितों से मिले राहत मंत्री अनिल पाटिल, तुरंत राहत सामग्री देने का दिया आदेश


यवतमाल: जिले में पिछले दो दिनों से भारी बारिश हो रही है। इस बारिश के कारण हर जगह काफी नुकसान हुआ है। कृषि फसलों, घरों, जानवरों के साथ-साथ सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुँचाया गया। रविवार को राज्य के राहत एवं पुनर्वास मंत्री अनिल पाटिल और संजय राठोड जिले में पहुंचे और अधिकारीयों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने तुरंत भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुए परिवारों को तुरंत 5,000 रुपये का राहत अनुदान और खाद्यान्न वितरित करने और नुकसान की पंचनामा रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।

कलेक्टर कार्यालय में आयोजित इस बैठक में पालक मंत्री संजय राठौड़, मदन येरावर, कलेक्टर अमोल येडगे, जिला पुलिस अधीक्षक पवन बंसोड़, अपर कलेक्टर प्रमोदसिह दुबे और विभिन्न विभागों के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

शुक्रवार की रात जिले में झमाझम बारिश हुई। ज्यादातर मंडलों में भारी बारिश हुई। इससे खेत व घर को भी क्षति पहुंची। पीड़ितों को उचित मुआवजा मिलना चाहिए। जो नुकसान हुआ है उसका तुरंत सर्वे कराया जाए। यह सुनिश्चित करने के लिए ध्यान रखा जाना चाहिए कि कोई भी बख्शा न जाए, न केवल फसलों को नुकसान हुआ है बल्कि कृषि भूमि भी नष्ट हो गई है, एक अलग रिपोर्ट प्रस्तुत की जानी चाहिए।

पाटील ने कहा कि सरकार की नीति के अनुसार 5000 रुपए सानुग्रह अनुदान व खाद्यान्न दो दिन में वितरित किया जाए तथा भोजन उपलब्ध कराते समय सामाजिक संगठनों के सहयोग से अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री का एक किट दिया जाए। कृषि व फसल सहित सरकारी संपत्ति की क्षति का सर्वेक्षण कराया जाये, विस्थापितों को आश्रय स्थल में भोजन सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायी जाये। उन्होंने कृषि, लोक निर्माण, सिंचाई, स्थानीय स्व-सरकारी निकायों को अपनी-अपनी संपत्तियों को हुए नुकसान का सर्वेक्षण करने और राहत और पुनर्वास विभाग को रिपोर्ट सौंपने का भी निर्देश दिया।

अतिक्रमित भूमि पर रहने वाले कई गरीबों ने अपना घर खो दिया है। इस बैठक में पालकमंत्री संजय राठौड़ ने कहा कि ऐसी अत्यधिक क्षति वाले पीड़ितों को सहायता मिलना जरूरी है। बैठक में पालकमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्क्रैप की गई जमीन पर अलग से रिपोर्ट बनाई जाए। ए मदन येरावर ने कहा कि यवतमाल शहर में व्यापक क्षति हुई है। प्रभावितों को सानुग्रह अनुदान शीघ्र वितरित करने की मांग की।

डेढ़ हजार घर गिरे, तीन की मौत

जिले में एक हजार 426 घर ढह गये हैं। इसमें एक हजार 189 आंशिक रूप से और 237 पूरी तरह से ध्वस्त मकान शामिल हैं। बचाव दल द्वारा 280 नागरिकों को बाढ़ से बचाया गया। छह हजार 275 नागरिकों को स्थानांतरित कर अस्थायी आश्रय स्थलों में रखा गया है और उनके आवास एवं भोजन की व्यवस्था की गई है। इस आपदा में जिले में तीन लोगों की मौत हो गयी है। पालक मंत्री संजय राठौड़, राहत एवं पुनर्वास मंत्री अनिल पाटिल ने बचाव दल के सदस्यों की सराहना की।

कलेक्टर कार्यालय में बैठक के बाद मंत्री अनिल पाटिल और संरक्षक मंत्री संजय राठौड़ ने जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और नागरिकों से बातचीत की। वाघाडी बस्ती के पास यवतमाल और उसके बाद महगाव तालुका में आनंदनगर और अनंतवाड़ी के नागरिकों से मुलाकात की। सरकार बाढ़ पीड़ितों के साथ है और सभी योजनाओं और अनुदानों का तत्काल लाभ देने की गारंटी दी है।