logo_banner
Breaking
  • ⁕ नागपुर स्नातक सीट के लिए भाजपा ने जारी किया घोषणापत्र, युवाओं और रोजगार पर विशेष फोकस ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र सरकार में फेरबदल की अटकलों पर प्रतापराव जाधव का बयान, बोले- एकनाथ शिंदे नाराज़ नहीं ⁕
  • ⁕ चुनाव आते ही उर्दू स्कूलों की याद क्यों? किरण सरनाईक पर यशोमती ठाकुर का निशाना ⁕
  • ⁕ शिक्षकों का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल हुआ तो रद्द होगी संस्था की मान्यता! चंद्रशेखर बावनकुले की चेतावनी ⁕
  • ⁕ अनिल बोंडे का बागी उम्मीदवार डॉ. संगीता शिंदे को आशीर्वाद, महायुति में बढ़ी कलह ⁕
  • ⁕ Akola: काटेपूर्णा और मोर्णा बांध से मिलेगा 24.03 दलघमी पानी, शहर की जलापूर्ति को राहत ⁕
  • ⁕ Chandrapur: पति के सामने बाघ ने महिला पर किया हमला, खेत में काम करते समय दर्दनाक मौत..! ⁕
  • ⁕ Buldhana: 'हमें भीख नहीं, मदद चाहिए', बुलढाणा में किसान संघ ने कद्दू और चॉकलेट देकर सरकार के खिलाफ निकाला गुस्सा.. ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Yavatmal

Yavatmal: गिरे सोयाबीन के दाम, वर्तमान कीमत 4 हजार 900 रुपए, किसानों की चिंता बढ़ी


यवतमाल: पिछले हफ्ते लगातार दो दिनों तक हुई बेमौसम बारिश से फसल को भारी नुकसान हुआ है. बेमौसम बारिश का असर सोयाबीन की कीमत पर पड़ा है. दाम 200 से 300 रुपये तक गिर गए हैं और इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है. फिलहाल सोयाबीन की कीमत 4 हजार 600 से 4 हजार 900 रुपए तक है.

इस वर्ष जिले में औसत से अधिक बारिश हुई है. शुरुआत में देर से आने वाली बारिश जुलाई और अगस्त के महीने में शुरू हुई। भारी बारिश के कारण सौ से ज्यादा राजस्व हलकों में भारी बारिश दर्ज की गई.

साढ़े तीन हेक्टेयर कपास और सोयाबीन की फसल प्रभावित हुई। किसानों ने इससे उबरकर फसल को बनाए रखा, लेकिन सोयाबीन पर पीले मोदियाक और अन्य बीमारियों के कारण पैदावार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।

इस बीच किसानों को उम्मीद थी कि बचे हुए सोयाबीन से खेती की लागत निकल जाएगी. लेकिन, पिछले सप्ताह रविवार व सोमवार को हुई बेमौसम बारिश से किसानों के सपनों पर पानी फिर गया. मौसम विभाग की बेमौसम बारिश की भविष्यवाणी सच साबित हुई.

अंतत: बाजार समितियों को बंद करने की बारी आयी. किसानों ने बाजार समिति से कृषि उपज बिक्री के लिए न लाने की भी अपील की। उस समय सोयाबीन के दाम 5 हजार से लेकर 5 हजार तीन सौ रुपए तक मिल रहे थे।

हालांकि, बारिश के बाद सोयाबीन की कीमत अचानक गिर गई। अब सोयाबीन की गुणवत्ता के आधार पर दाम वसूले जा रहे हैं। इसमें मुख्य रूप से 4 हजार 600 से 4 हजार 900 रुपये तक चार्ज किया जाता है.

इस प्रकार से किसानों को 200 से 300 रुपये तक की आर्थिक क्षति उठानी पड़ती है. अब अगर माहौल में बदलाव नहीं हुआ तो किसानों में निराशा होने की आशंका है.