logo_banner
Breaking
  • ⁕ पुणे के हिंजेवाड़ी शिवाजीनगर मेट्रो की तीन-लेन लाइन का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया उद्घाटन ⁕
  • ⁕ कलमेश्वर एमआईडीसी की केमफील्ड कंपनी में स्टीम बॉयलर फटने से जोरदार धमाका, बॉयलर विस्फोट में तीन मजदूर मामूली घायल ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में फिर बदलेगा मौसम, विदर्भ के 6 जिलों में येलो अलर्ट, बारिश की जताई संभावना ⁕
  • ⁕ अमरावती को मिली बड़ी सौगात! एयर इंडिया फ्लाइंग ट्रेनिंग एकेडमी को DGCA की मंजूरी, जल्द शुरू होगी पायलटों की ट्रेनिंग ⁕
  • ⁕ स्टार एअर की पुणे-नागपुर विमान सेवा बंद, दिवाली से पहले विमान सेवा बंद होने से यात्रियों की बढ़ी परेशानी ⁕
  • ⁕ Chandrapur: इरई बांध में 68 प्रतिशत जल भंडार शेष, "न करें पानी की कटौती", किशोर जोरगेवार की मांग ⁕
  • ⁕ किसानों की आत्महत्या पर प्रकाश आंबेडकर का विवादित बयान, बोले- पहले 10 नेताओं को मारो, फिर मरो! ⁕
  • ⁕ नागपुर अधिवेशन के खर्च में ₹42 करोड़ की बढ़ोतरी, खर्च ₹86.90 करोड़ से बढ़कर ₹129.05 करोड़ रुपये ⁕
  • ⁕ लाडकी बहनों को ₹3,000 रुपये का इंतजार, सितंबर-अक्टूबर की किस्त अटकी! ⁕
  • ⁕ Yavatmal: दिग्रस में शादी का झांसा देकर धर्मांतरण के लिए दबाव डालने का आरोप, तीन लोगों पर मामला दर्ज ⁕
Akola

Akola: काटेपुर्णा बांध में करीब 26 प्रतिशत जल संग्रहण, आने वाले दिनों में जल भंडारण में कमी होने संभावना


अकोला: अकोला जिले की पांच सिंचाई परियोजनाओं में 21 अप्रैल को औसतन 28 प्रतिशत जल भंडारण उपलब्ध है, जो जुलाई तक चल सकता है। अनुमान है कि तापमान के कारण परियोजनाओं में उपलब्ध पानी के तेजी से वाष्पीकरण के कारण जून के अंत तक पानी की कमी हो सकती है।

कई गांवों में नागरिक इस समय पानी की कमी का सामना कर रहे हैं। जून में इस क्षेत्र में जल संकट और भी गहरा सकता है। यदि तापमान में वृद्धि जारी रही तो जून के अंत तक जिले को जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। महानगर को जलापूर्ति करने वाली काटेपूर्णा परियोजना में फिलहाल 25.67 प्रतिशत जल भंडारण शेष है। हालांकि, जुलाई के अंत तक इतना पानी संग्रहित होने का रिकॉर्ड है, फिर भी पानी का बुद्धिमानी से उपयोग करने की आवश्यकता है।

पिछले मानसून के दौरान जिले की सिंचाई परियोजनाएं पूरी तरह जलमग्न हो गई थीं। फिर भी शुष्क मौसम के दौरान इनसे प्राप्त पानी का उपयोग सिंचाई के लिए किया गया। इसके अतिरिक्त, जल उपयोग संगठनों के लिए जल भंडार आरक्षित किये गए। अकोला निवासियों की जीवन रेखा, काटेपुर्णा परियोजना भी 100 प्रतिशत भरी हुई थी। शेष परियोजनाएं भी शीघ्रता से पूरी हो गईं। उम्मीद है कि आगामी मानसून सीजन तक सिंचाई परियोजनाओं में जल भंडार पर्याप्त रहेगा। हालांकि, मार्च से बढ़ती गर्मी के कारण उपलब्ध जल भंडार तेजी से वाष्पित हो रहा है और अनुमान है कि आने वाले दिनों में यह दर और बढ़ेगी।

देखें वीडियो: