logo_banner
Breaking
  • ⁕ सैंड इस्तेमाल को बढ़ावा देने राज्य में नई पॉलिसी लागू; राजस्वमंत्री बावनकुले ने की घोषणा, शर्तें तोड़ने पर लाइसेंस होगा रद्द ⁕
  • ⁕ लावणी पर थिरकी एनसीपी अजित पवार गुट! पार्टी कार्यालय के भीतर नाच-गाने पर बवाल, आलाकमान ने अध्यक्ष अहिरकर से माँगा स्पष्टीकरण ⁕
  • ⁕ Buldhana: कंस्ट्रक्शन वर्कर के नाम पर फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर वसूली, दो ऑनलाइन सेंटरों पर छापा, लेबर विभाग की बड़ी कार्रवाई ⁕
  • ⁕ Saoner: सावनेर के चंपा शिवार में सड़ी-गली हालत में मिला शव, खापरखेड़ा से गुमशुदा व्यक्ति की हुई पहचान ⁕
  • ⁕ Buldhana: जिले में बेमौसम बारिश ने दी दस्तक, कटाई के सीजन में फसलों को भारी नुकसान का खतरा ⁕
  • ⁕ Chandrapur: केसला घाट इलाके में बाघ ने बाइक सवार पर किया हमला, लोगों में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Amravati: कमुंजा फाटा के पास तेज़ रफ़्तार बस ने बाइक को मारी टक्कर, हादसे में एक की मौत, एक गंभीर ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Akola

Akola: काटेपुर्णा बांध में करीब 26 प्रतिशत जल संग्रहण, आने वाले दिनों में जल भंडारण में कमी होने संभावना


अकोला: अकोला जिले की पांच सिंचाई परियोजनाओं में 21 अप्रैल को औसतन 28 प्रतिशत जल भंडारण उपलब्ध है, जो जुलाई तक चल सकता है। अनुमान है कि तापमान के कारण परियोजनाओं में उपलब्ध पानी के तेजी से वाष्पीकरण के कारण जून के अंत तक पानी की कमी हो सकती है।

कई गांवों में नागरिक इस समय पानी की कमी का सामना कर रहे हैं। जून में इस क्षेत्र में जल संकट और भी गहरा सकता है। यदि तापमान में वृद्धि जारी रही तो जून के अंत तक जिले को जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। महानगर को जलापूर्ति करने वाली काटेपूर्णा परियोजना में फिलहाल 25.67 प्रतिशत जल भंडारण शेष है। हालांकि, जुलाई के अंत तक इतना पानी संग्रहित होने का रिकॉर्ड है, फिर भी पानी का बुद्धिमानी से उपयोग करने की आवश्यकता है।

पिछले मानसून के दौरान जिले की सिंचाई परियोजनाएं पूरी तरह जलमग्न हो गई थीं। फिर भी शुष्क मौसम के दौरान इनसे प्राप्त पानी का उपयोग सिंचाई के लिए किया गया। इसके अतिरिक्त, जल उपयोग संगठनों के लिए जल भंडार आरक्षित किये गए। अकोला निवासियों की जीवन रेखा, काटेपुर्णा परियोजना भी 100 प्रतिशत भरी हुई थी। शेष परियोजनाएं भी शीघ्रता से पूरी हो गईं। उम्मीद है कि आगामी मानसून सीजन तक सिंचाई परियोजनाओं में जल भंडार पर्याप्त रहेगा। हालांकि, मार्च से बढ़ती गर्मी के कारण उपलब्ध जल भंडार तेजी से वाष्पित हो रहा है और अनुमान है कि आने वाले दिनों में यह दर और बढ़ेगी।

देखें वीडियो: