logo_banner
Breaking
  • ⁕ केंद्र सरकार ने पुलिस मैडल पुरस्कार का किया ऐलान, माहुरकर, पोटे और बाराभाई को उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला मेडल ⁕
  • ⁕ नागपुर शिवसेना (UBT) में बड़ा फेरबदल; नितिन तिवारी की छुट्टी, किशोर कुमेरिया बने महानगर प्रमुख ⁕
  • ⁕ "छत्रपति के भक्तों का खून आज भी रगों में दौड़ रहा है, आपकी सात पीढ़ियां भी महाराष्ट्र को हरा-भरा नहीं बना सकतीं", AIMIM नेता इम्तियाज जलील पर नवनीत राणा का पलटवार ⁕
  • ⁕ Akola: रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा टला, ब्रिज से कूदने की तैयारी कर रहे युवक की रेलवे पुलिस ने बचाई जान ⁕
  • ⁕ Gondia: तिरोड़ा स्थित एचपी गैस एजेंसी में लगी भीषण आग; पूरा कार्यालय जलकर हुआ ख़ाक, लाखों का नुकसान ⁕
  • ⁕ चंद्रपुर मनपा में सत्ता विवाद का पटाक्षेप: धानोरकर-वडेट्टीवार में समझौता ⁕
  • ⁕ राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले का संजय राऊत पर तीखा प्रहार, कहा - 2047 तक तक न देखें छठे माले पर बैठने का सपना ⁕
  • ⁕ चांदी के भाव में उछाल का दौर जारी; नागपुर सराफा बाजार में 2,53,500 प्रति किलो पर पहुंची चांदी ⁕
  • ⁕ Bhandara: लाखोरी गांव के पास घूम रहे तीन भालू, इलाके में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Nagpur: नकली एमडी बिक्री विवाद में युवक पर जान लेवा हमला, चाकू मार कर किया गंभीर रूप से घायल ⁕
Akola

Akola: वित्तीय वर्ष समाप्त होने में तीन महीने से कम का समय, 25 करोड़ रूपये कर वसूलना अभी भी शेष


अकोला: वित्तीय वर्ष समाप्त होने में मात्र तीन महीने बचा हुआ है ,लेकिन अभी तक जिला सिंचाई विभाग ने तय टारगेट के अनुसार जल कर का संग्रह नहीं कर पाई है। विभाग को अभी भी 5 करोड़ 97 लाख रुपये सिंचाई और 20 करोड़ रुपये गैर सिंचाई जल कर वसूलना है। 

अकोला सिंचाई विभाग की दो बड़ी परियोजनाएं काटेपूर्णा और वन है। वहीं तीन मध्यम जिसमें मोरना, निर्गुण और उमा है। इसी के साथ 24 छोटी परियोजनाएं भी हैं। इस परियोजना से जिले के विभिन्न गांवों की प्यास बुझाई जा रही है। साथ ही हजारों हेक्टेयर भूमि सिंचित होती है। हालांकि पिछले दो साल से खरीफ की फसल को नुकसान हुआ है, लेकिन भारी बारिश के कारण रबी की फसल में इजाफा हुआ है। साथ ही, गैर-सिंचाई योजनाओं के लिए प्रचुर मात्रा में जल संसाधन उपलब्ध कराया गया है।

 अब जब मार्च का अंत नजदीक आ रहा है तो अकोला सिंचाई विभाग को भी वसूली का लक्ष्य मिल गया है। गैर-सिंचाई योजनाओं में पानी पट्टी संग्रह की तुलना में सिंचाई (पानी पत्ती) के लिए दिए गए पानी की वसूली कम है। इसलिए सिंचाई विभाग के समक्ष 5 करोड़ 97 लाख रुपये की वसूली का लक्ष्य है।

जल उपयोगकर्ता संगठनों की जिम्मेदारी

परियोजना से सिंचाई के लिए जल जल उपयोग संगठन के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है। प्रत्येक परियोजना जल उपयोगिता संगठनों के साथ पंजीकृत है। कुछ हद तक सिंचाई के लिए लिए गए पानी के बकाया भुगतान की जिम्मेदारी जल उपयोगिता संगठनों पर आती है। तो अब जल उपयोगिता संस्थाएं सिंचाई वसूली में कितना सहयोग करती हैं? सिंचाई की रिकवरी इसी पर निर्भर रहेगी।

परियोजनावार सिंचाई वसूली

  • वान परियोजना - 1 करोड़ 19 लाख
  • काटेपूर्णा परियोजना - 1 करोड़ 97 लाख
  • निर्गुण परियोजना - 1 करोड़ 15 लाख
  • मोरना परियोजना - 70 लाख
  • उमा परियोजना - 22 लाख
  • लपा परियोजना - 71 लाख

यह भी पढ़ें: 

  • AKola: मेगा ब्लॉक के कारण पुणे जाने वाली कई ट्रेनें रद्द, तीन दिन नहीं चलेगी महाराष्ट्र एक्सप्रेस