Amravati: कुदरत का कहर: तीन दिनों से लगातार बेमौसम बारिश, 17 हजार हेक्टेयर में संतरा बर्बाद; एक की मौत
अमरावती: अमरावती जिले में पिछले तीन दिनों से जारी बेमौसम बारिश और भीषण चक्रवाती तूफान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस प्राकृतिक आपदा में न केवल फसलों को भारी नुकसान पहुँचा है, बल्कि एक व्यक्ति की जान जाने की भी दुखद खबर सामने आई है। तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण जिले के किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं।
17 हजार हेक्टेयर में संतरा फसल तबाह
अमरावती जिले की पहचान माने जाने वाले 'संतरा' के बगीचों पर इस बारिश की सबसे गाज गिरी है। प्राथमिक अनुमान के अनुसार, लगभग 17,000 हेक्टेयर क्षेत्र में संतरे की फसल को भारी नुकसान पहुँचा है। तेज हवाओं के कारण फल पेड़ों से गिर गए हैं, जिससे किसानों को करोड़ों रुपये का घाटा होने की आशंका है। इसके अलावा, अन्य फसलों का 563 हेक्टेयर क्षेत्र भी पूरी तरह प्रभावित हुआ है।
38 गांवों में हाहाकार, 27 घरों की पडझड
प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, इस बेमौसम बारिश की मार जिले के 38 गांवों पर पड़ी है। तूफान इतना शक्तिशाली था कि जिले भर में 27 घरों के गिरने या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है। कई जगहों पर पेड़ उखड़ने और बिजली के खंभे गिरने से संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।
एक व्यक्ति की मौत, प्रशासन ने शुरू किए पंचनामे
तूफान के दौरान हुई दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जिससे इलाके में शोक की लहर है। जिला प्रशासन ने क्षेत्रीय तंत्र को तुरंत सक्रिय कर दिया है। राजस्व विभाग और कृषि विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर 'पंचनामा' (नुकसान का आकलन) कर रही हैं।
किसानों की मांग: "तुरंत मिले मुआवजा"
हाथ में आई फसल बर्बाद होने से आक्रोशित किसानों ने सरकार और प्रशासन से तत्काल आर्थिक सहायता की मांग की है। किसानों का कहना है कि कर्ज लेकर लगाई गई फसल नष्ट हो गई है, ऐसे में बिना देरी किए भारी मुआवजा मिलना चाहिए ताकि वे इस संकट से उबर सकें।
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