Amravati: विदर्भ से सह्याद्री की ओर बढ़े बाघ; पांच बाघों के स्थानांतरण को मिली हरी झंडी
अमरावती: विदर्भ के टाइगर रिज़र्व में बाघों की संख्या बढ़ने के कारण वन विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब यहां के कुछ बाघों को सह्याद्री बाघ परियोजना में स्थानांतरित किया जाएगा। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) ने इसकी मंजूरी दे दी है और इस कार्य की प्रक्रिया तेजी से शुरू हो गई है।
इससे पहले प्रायोगिक तौर पर भेजे गए तीन बाघ सह्याद्री के आसपास के वातावरण में अच्छे से आदत डाल चुके हैं। इससे वन विभाग का भरोसा बढ़ा है और अब और पांच बाघ को जंगलों से लेकर सह्याद्री भेजने की तैयारी चल रही है। ये बाघ पेंच व ताडोबा–अंधारी बाघ प्रकल्पों से चरणबद्ध रूप से स्थानांतरित किए जाएंगे।
सह्याद्री बाघ परियोजना में अभी बाघों की संख्या कम थी, जिससे प्राकृतिक संतुलन और जैव‑विविधता पर असर पड़ता था। विशेषज्ञ यह मानते हैं कि यहां लगभग 25 से 30 बाघों का पूरा आवास बन सकता है। विदर्भ में अधिक बाघ होने पर जंगल के अंदर भूमि की कमी और बाघों की जमीन के लिए आपसी टकराव भी बढ़ रहा था। इस समस्या को कम करने के लिए स्थानांतरण की योजना बनाई गई है।
सह्याद्री में बाघों की संख्या बढ़ने से मुंबई, पुणे, ठाणे और कर्नाटक के पर्यटकों को बाघ देखने का आसान अवसर मिलेगा। सह्याद्री वन संरक्षण टीम ने हाल ही में विदर्भ का दौरा करके स्थिति का अध्ययन किया है। वन विभाग ने बताया है कि जल्द ही व्यावहारिक स्तर पर स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू होगी।
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