logo_banner
Breaking
  • ⁕ Shardiya Navratri 2026: नागपुर सहित विदर्भ में नवरात्रि की धूम, देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Amravati

इस साल पहली बार 28 हजार बच्चे जिला परिषद स्कूलों में लेंगे प्रवेश


अमरावती: जिले में इस साल 39 हजार बच्चे पहली बार स्कूल जायेंगे। उनकी शिक्षा का श्री गणेश होगा। इस पृष्ठभूमि में, जिला परिषद स्कूलों की बढ़ती गुणवत्ता और भौतिक सुविधाओं के कारण माता-पिता फिर से मराठी स्कूलों की ओर रुख कर रहे हैं। इसीलिए इस साल पहली बार ग्रामीण इलाकों के जिला परिषद स्कूलों में 28 हजार बच्चे दाखिल होने जा रहे हैं।

जिला परिषद के स्कूल भी निजी अंग्रेजी स्कूलों से प्रतिस्पर्धा करते हुए भौतिक सुविधाएं प्राप्त कर रहे हैं। जिला परिषद के माध्यम से जिले भर में 14 तहसीलों में प्री-स्कूल तैयारी अभियान चलाया जा रहा है। 

गुणवत्ता के अलावा, स्कूलों में मुफ्त वर्दी और पाठ्यपुस्तकें भी प्रदान की जाती हैं, इसलिए यह देखा जाता है कि माता-पिता भी जिला परिषद स्कूलों की ओर आकर्षित होते हैं। इसी तरह, सरकार ने पिछले दो वर्षों में जिले भर के स्कूलों में नए कक्षाओं और मरम्मत कार्यों के लिए धन दिया है। अब नई कक्षाएँ छात्रों के स्वागत के लिए तैयार हैं।

इसके अलावा, कई नवीन गतिविधियाँ, भौतिक सुविधाओं का समावेश, नई कक्षाएँ, स्कूल की मरम्मत, भौतिक सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं। मुफ़्त वर्दी, जूते, मोज़े, मुफ़्त पाठ्यपुस्तकें लागत भी बचाती हैं। डिजिटल स्कूल माता-पिता के साथ-साथ नवागंतुकों के लिए भी आकर्षक हैं। यही कारण है कि माता-पिता का अपने बच्चों को जिला परिषद स्कूलों में दाखिला दिलाने के लिए रुझान भी बढ़ रहा है।

जिला परिषद प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार नये शैक्षणिक सत्र के पहले दिन आज 28 हजार 431 विद्यार्थी पहली बार जिला परिषद स्कूल में प्रवेश करेंगे।