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Amravati

Amravati: भूख हड़ताल पर बैठी महिला की इलाज के दौरान मौत, परिवार ने पुलिस पर जबरन शव कब्जे में लेने का लगाया आरोप


अमरावती: न्याय की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट के सामने भूख हड़ताल पर बैठीं 75 वर्षीय शांताबाई उकारदा की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने न्याय मिलने तक शव हटाने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पुलिस पर जबरन शव को कब्जे में लेने का आरोप लगा। मृतका की बेटी ने आरोप लगाया है कि स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं से जुड़े होने के कारण उन्हें न्याय नहीं मिल पाया।

अमरावती जिला कलेक्ट्रेट के पास पिछले छह माह से अनुकंपा नियुक्ति और संपत्ति विवाद को लेकर भूख हड़ताल कर रही 75 वर्षीय शांताबाई उकारदा की इलाज के दौरान मौत हो जाने से सनसनी फैल गई है। शांताबाई और उनकी बेटी विजया उकारदा, नगर निगम के अधिकारियों को सेवामुक्त करने समेत कई माँगे कर रही थीं।

महिला की मौत के बाद देर रात तक तनाव की स्थिति बनी रही, जब परिजनों ने न्याय मिलने तक शव न उठाने की चेतावनी दी, लेकिन पुलिस पर जबरन शव को भूख हड़ताल मंडप से कब्जे में लेने का आरोप लगा, इस दौरान परिजनों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। मृतका की बेटी ने चौंकाने वाला आरोप लगाया है कि स्थानीय विधायक संजय खोडके और सुलभा खोडके के  कार्यकर्ता होने के कारण उन्हें न्याय नहीं मिला।