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सावधान! समोसा, वड़ा पाव और पकौड़े प्रेमियों के लिए बड़ा बदलाव; अखबार में खाना पैक करने पर अब होगी सीधे जेल


मुंबई/नई दिल्ली: यदि आप भी सड़क किनारे ठेले या होटल से अखबार में लिपटा हुआ गरमा-गरम वड़ा पाव, समोसा या पकौड़े खाने के शौकीन हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देश भर में खाने-पीने की चीजों को अखबार में लपेटने, पैक करने या परोसने पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह रोक लगा दी है। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ अब सीधे कानूनी कार्रवाई होगी और उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है।

मुंबई की इस घटना के बाद FSSAI ने लिया कड़ा एक्शन
दरअसल, यह पूरा मामला मुंबई की एक हालिया घटना के बाद गरमाया है। मुंबई में एक मशहूर वड़ा पाव विक्रेता ग्राहकों को अखबार के कागज में वड़ा पाव पैक करके दे रहा था। इस पर संज्ञान लेते हुए FSSAI की पश्चिमी क्षेत्र टीम और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने एक संयुक्त छापेमारी की और उस विक्रेता पर सख्त कानूनी कार्रवाई की। इसी घटना को देखते हुए FSSAI ने देशभर के सभी राज्यों के लिए यह कड़ा अलर्ट जारी किया है।

छोटे ठेले से लेकर बड़े क्लाउड किचन तक... सब पर नियम लागू
FSSAI द्वारा जारी किए गए नए और कड़े निर्देशों के दायरे में खाद्य क्षेत्र से जुड़े सभी व्यापार आएंगे:

  • किसे-किसे माननी होगी गाइडलाइन: गली-नुक्कड़ के छोटे ठेले वाले, फेरीवाले, मोबाइल फूड वेंडर, बड़े होटल, रेस्टोरेंट, कैटरर्स, क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSRs) और क्लाउड किचन।

  • तेल सोखने पर भी पाबंदी: अक्सर देखा जाता है कि दुकानदार समोसे या भजियों का अतिरिक्त तेल सोखने के लिए नीचे अखबार बिछा देते हैं, FSSAI ने इस पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। अब सिर्फ मान्यता प्राप्त फूड-ग्रेड पैकेजिंग सामग्री (जैसे बटर पेपर) का ही इस्तेमाल किया जा सकेगा।

अखबार में खाना क्यों है आपकी सेहत के लिए 'जहर'?
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, अखबार में खाना परोसना स्वास्थ्य के साथ एक बड़ा खिलवाड़ है:

  • केमिकल और लेड (सीसा) का खतरा: अखबार की छपाई में इस्तेमाल होने वाली स्याही (Ink) में कई तरह के हानिकारक रसायन, पिगमेंट और भारी धातुएं (विशेषकर सीसा यानी Lead) होती हैं। जब गर्म और तैलीय खाना इस स्याही के संपर्क में आता है, तो यह रसायन भोजन में मिल जाते हैं, जो शरीर में जाकर कैंसर और लिवर-किडनी जैसी गंभीर बीमारियां पैदा कर सकते हैं।
  • बैक्टीरिया और कीटाणु: छपने से लेकर लोगों के हाथों तक पहुंचने के सफर में अखबार कई अस्वच्छ जगहों से होकर गुजरता है। इस वजह से उसमें कई तरह के खतरनाक बैक्टीरिया और रोग फैलाने वाले कीटाणु जमा हो जाते हैं, जो फूड पॉइजनिंग का कारण बनते हैं।
  • FSSAI की अपील: 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (पैकेजिंग) रेगुलेशंस, 2018' के तहत यह नियम पहले से ही लागू है, लेकिन अब जमीनी स्तर पर इसकी सख्त निगरानी की जाएगी। प्राधिकरण ने आम जनता और उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे जागरूक बनें और यदि कोई दुकानदार अखबार में खाना देता है, तो उससे तुरंत मना करें।