मिडल ईस्ट जंग का असर: नागपुर में गहराया गैस संकट! एजेंसियों पर उमड़ी सिलेंडर के लिए भारी भीड़
नागपुर: मध्य पूर्व एशिया में छिड़ी जंग के वैश्विक परिणामों ने अब भारतीय बाजारों में दस्तक दे दी है। युद्ध के कारण आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने से देश में एलपीजी गैस की भारी कमी महसूस की जा रही है। इसका सीधा असर महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर में देखने को मिल रहा है, जहां गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं।
बढ़ते संकट को देखते हुए सरकार ने एहतियात के तौर पर व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की नई बुकिंग और सप्लाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। प्रशासन का पूरा ध्यान घरेलू एलपीजी की आपूर्ति बनाए रखने पर है। हालांकि, डोमेस्टिक सिलेंडर की बिक्री जारी रहने के बावजूद नागरिकों में किल्लत को लेकर भारी घबराहट देखी जा रही है।
नागपुर की विभिन्न गैस एजेंसियों पर नजारा किसी आपातकाल जैसा है। लोग अपने खाली सिलेंडर लेकर सुबह 5 बजे से ही लाइनों में खड़े हो रहे हैं। कई नागरिकों का कहना है कि उन्होंने एक हफ्ते पहले बुकिंग की थी पैसे भी भर दिए थे, लेकिन उसके बावजूद सिलेंडर घर नहीं पहुंचा।
एक तरफ जहां जनता सड़कों पर है, वहीं दूसरी तरफ सरकार और स्थानीय प्रशासन लगातार यह भरोसा दिलाने की कोशिश कर रहे हैं कि देश में गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है। बीते दिन जिलाधिकारी डॉ विपिन इटनकर ने नागपुर में पर्याप्त मात्रा में गैस उपलब्ध होने की बात कही। इटनकर ने कहा कि, सप्लाई चैन को सुधारा जा रहा है और नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है।
बाजार में सिलेंडर की किल्लत और बढ़ती कीमतों की अफवाहों ने जनता में 'पैनिक बुकिंग' की होड़ मचा दी है। इस बीच, नागपुर प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती एजेंसियों पर उमड़ती भीड़ को नियंत्रित करना और इस संकट की आड़ में पनप रही कालाबाजारी को रोकना है।
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