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Gadchiroli

Gadchiroli: महंगा हुआ सिलेंडर, गरीबों के समक्ष इंधन की समस्या


आरमोरी: पहले ही महंगाई से त्रस्त होनेवाले आम नागरिकों को गैस के बढते दामों ने आम नागरिकों को झनझोरकर रख दिया है. ऐसे में ग्रामीण  क्षेत्र में फिर से चुल्हे जलने लगे है. किंतु वनविभाग के वन डिपो में जलाऊ लकडियों नहीं मिलने तथा जंगलों में बाघ की दहशत होने से इंधन का प्रबंध कैसे करे, ऐसा सवाल निर्माण हो रहा है. 

निरंतर बढनेवाले गैस के दरवृद्धि के कारण शहर समेत ग्रामीण क्षेत्र के महिलाओं ने सिलेंडर को दूर रखकर फिर से चुल्हे पर भोजन पकाना शुरू किया है. इसके लिए जलाऊ लकडियों की व्यापक आवश्यकता होती है. किंतु वनविभाग के वनडिपो में जलाऊ लकडियां ही उपलब्ध नहीं होने के कारण गरीबों के समक्ष अनेक समस्या निर्माण हुए है. बिते कुछ माह से शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में बाघों ने व्यापक दहशत मचाई है. फलस्वरूप ग्रामीण क्षेत्र के आम नागरिक गांव परिसर के जंगल परिसर से लकडिया संकलित करना पूर्ण रूप से बंद किया है. 

ऐसे स्थिती में कडाके की थंड में पानी गर्म करने के साथ भोजन के लिए लकडियों की व्यापक समस्या निर्माण हुई है. वनविभाग भी इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान नहीं देने से नागरिकों को इंधन के लिए जान दांव पर लगाकर जंगल में जाए बगैर दुसरा विकल्प नहीं बचता है. जिससेसंबंधित विभाग गरीबों को लकडियों की आवश्यकता ध्यान में लेते हुए सहुलियत के दामों में वनडिपो में जलाऊ लकडियां उपलब्ध कराने की मांग हो रही है. 

धुआमुक्त अभियान की धज्जीया 

सरकार द्वारा बडे गाजेबाजे के साथ 'धुआमुक्त चुल्हा' इस अभियान अंतर्गत सहुलियत के दामों में ग्रामीण क्षेत्र के गरीबों को गैस का वितरण किया. किंतु विगत कुछ माह से सिलेंडर के दाम आसमान छूने से ग्रामीण क्षेत्र के किसान, मजदूर, गरीबों की परेशानी और बढ गई है. जिस कारण ग्रामीण क्षेत्र में खाली सिलेंडर केवल शोपिस बने हुए है. इन गरीबों को महंगा सिलेंडर खरीदना मुमकिन नहीं होने से सरकार के धुआमुक्त अभियान की धज्जीया उडती नजर आ रही है. 

जंगलों में बाघ की दहशत कायम 

विगत कुछ माह से आरमोरी तहसील के शहर समेत ग्रामीण क्षेत्र के जंगल परिसर में बाघ की व्यापक दहशत है. बाध ने अनेक नागरिकों की जान लेने से आम नागरिक जंगलों में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है. किंतु गैस के बढे दाम इन नागरिकों के लिए परेशानी का सबब है. जिससे उन्हे लकडियों की व्यापक आवश्यकता निर्माण हो रही है. किंतु वनडिपों में जलाऊ लकडियां उपलब्ध नहीं करएं जाने से आम नागरिकों के समक्ष दुविधा निर्माण हुई है. 

जलाऊ लकडियोंके लिए वरीष्ठों की ओर प्रयास 

आरमोरी के वनपरिक्षेत्र अधिकारी अधिकारी अविनाश मेश्राम ने कहा, “फिलहाल मृतक व्यक्ति के अंतिम संस्कार हेतु लकडिया वनडिपो में उपलब्ध है. आम लोगो के लिए जलाऊ लकडिया उपलब्ध नहीं है. जलाऊ लकडिया उपलब्ध कराने संदर्भ में वरीष्ठों की ओर प्रयास किया है. कुछ माह में ही आम नागरिकों लकडिया उपलब्ध होंगे।”