logo_banner
Breaking
  • ⁕ ओला-उबर और रैपिडो के लिए नई नीति लाने की तैयारी, नितिन गडकरी बोले- 12 करोड़ लोगों को मिल सकता है रोजगार ⁕
  • ⁕ धर्मांतरण के बाद पुराने जातिगत दर्जे के आधार पर नहीं मिलेगा आरक्षण, सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को ठहराया सही ⁕
  • ⁕ एसटी के बेड़े में शामिल होंगी 200 लग्जरी वॉल्वो बसें, 170 सीटिंग और 30 स्लीपर कोच का ऑर्डर ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में 40 दिनों में 36 किसानों की आत्महत्या! ₹5 हजार की मदद को यशोमति ठाकुर ने बताया ‘भीख’ ⁕
  • ⁕ DoT का नया निर्देश; नंबर सेव नहीं होने पर भी पता चलेगी कॉलर की पहचान, 4G और 5G नेटवर्क पर मिलेगी सुविधा ⁕
  • ⁕ इमरान खान की बढ़ीं मुश्किलें! 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती जिला बैंक की अंतिम सूची में 2,852 मतदाता, अक्टूबर के आखिर में बजेगा चुनाव का बिगुल ⁕
  • ⁕ Yavatmal: रालेगांव तहसील समूह में सत्ता परिवर्तन! वडकी में वर्षा तेलंगे की हार, प्रवीण कोकाटे की शानदार जीत ⁕
  • ⁕ Buldhana: 'हमें भीख नहीं, मदद चाहिए', बुलढाणा में किसान संघ ने कद्दू और चॉकलेट देकर सरकार के खिलाफ निकाला गुस्सा.. ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Gadchiroli

Gadchiroli: घोट वनपरिक्षेत्र में 1100 ब्रास रेत का अवैध उत्खनन, दोषि वनाधिकारियों पर कार्रवाई करें


गड़चिरोली: जिले की आलापल्ली वनविभाग अंतर्गत आनेवाले घोट वनपरिक्षेत्र कार्यालय अंतर्गत नवंबर 2022 तक राखीव वन जैवविविधता उद्यान में बड़े पैमाने पर अवैध तरीके से मुरूम का उत्खनन किया गया. विशेषत: एक ठेकेदार के नाम पर वनकर्मी और अधिारियों ने स्वयं मुरूम का उपयोग आगार डि़पो घोट व अन्य सड़क निर्माणकार्य पर उपयोग किया. जिससे में करीब 1100 ब्रास मुरूम का अवैध तरीके उत्खनन कर पेड़ व वनसंपदा को हानि पहुंचाई गयी है. इस मामले में दोषि वनकर्मी व अधिकारियों पर कार्रवाई करें, ऐसी मांग भारतीय मानवाधिकार आयोग के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र ड़ोमले ने गुरूवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में की है. 

डोमले ने आगे कहां कि, जैवविविधता उद्यान के लिये जिला वार्षिक नियोजन अंतर्गत व सड़क कार्य व अन्य कार्यो के लिये जिलाधिश कार्यालय द्वारा निधी उपलब्ध करा दी गई थी. बावजूद इसके मुरूम खदान से न लाते हुए अपने घोट वनपरिक्षेत्र के आरक्षित जंगल से एक वनकर्मी की मालिकाना जेसीबी लगाकर अवैध तरीके से मुरूम का उत्खनन कर सड़क निर्माण किया गया. वहीं मुरूम उत्खनन के दौरान निचे गिरे पेड़ों को जंगल में फेंक दिया गया. जिसमें करोड़ों रूपयों का भ्रष्टाचार हुआ है. जिससे इस मामले को गंभीरता से लेकर संबंधित वनकर्मी और वनाधिकारियों की जांच कर कार्रवाई करें, ऐसी मांग ड़ोमले ने की है. 

रिपोर्ट प्राप्त होते ही होगी कार्रवाई: डा. मानकर 

गड़चिरोली वनवृत्त के मुख्य वनसंरक्षक डा. किशोर मानकर ने बताया कि, इस मामले में जांच के आदेश दिये गये है. जांच रिपोर्ट प्राप्त होते ही संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी. ऐसी बात उन्होंने कही है.