राज्य में बन गया है विकास का त्रिशूल, ये भोला भी है और ख़ाक करने की क्षमता भी रखता है- फडणवीस
गडचिरोली: अजित पवार के सरकार में शामिल होने के बाद पहला बड़ा सरकारी कार्यक्रम गडचिरोली में आयोजित हुआ.सरकार अपने द्वारा इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ नए उपमुख्यमंत्री अजित पवार की भी उपस्थिति रही.कार्यक्रम में अपने संबोधन में फडणवीस ने कहा की अजित पवार के साथ आने की वजह से यह सरकार और अधिक मजबूत हुई है.मैं और मुख्यमंत्री बीते एक साल से काम कर ही रहे थे लेकिन अब इसमें अजित पवार के शामिल होने के बाद राज्य में अब त्रिशूल बन चुका है.यह त्रिशूल विकास का त्रिशूल है.इसके माध्यम से राज्य का पिछड़ापन दूर होगा,गरीबी को दूर करेगा। हमारा त्रिशूल शंकर के जैसा है जो भोला तो है लेकिन जो जनमानस के विरोध की भूमिका में रहेगा उन्हें खाक करने का भी काम करेगा। फडणवीस ने कहा की गडचिरोली के विकास के लिए उनकी सरकार ने 20 हजार करोड़ रूपए के विकास कामों को मान्यता मिली है.कई नए विकास कामों को शुरू किया है.हमारी सरकार का लक्ष्य है की हम देखेंगे की आने वाले समय में महाराष्ट्र की तस्वीर बदलेगी।
संपदा और पर्यावरण के नुकसान के बिना होगी माइनिंग
गडचिरोली जिले में बड़े पैमाने पर वन संपदा है.राज्य सरकार ने हालही में माइनिंग के प्रोजेक्ट को राज्य सरकार द्वारा मंजूरी दी गयी है.इसे लेकर स्थानीय आदिवासी समुदाय और लोगों द्वारा विरोध दर्ज कराया जा रहा है लेकिन उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा की चाहे भले कुछ भी हो जाये पर्यावरण और संपदा को नुकसान पहुचाये बिना माइनिंग का काम सरकार नहीं होने देंगे। गडचिरोली में बड़े पैमानें पर वन संपदा है.लेकिन सरकार ने यह सुनिश्चित किया है की कोई भी काम वन संपदा को नुकसान पहुचाये बिना ही किया जायेगा। जिसे वर्षो से आदिवासी समुदाय ने सहेजा है उसे विकास ख़त्म नहीं करेगा। जिले के विकास के लिए कई तरह के कामों को शुरू किया जा रहा है.एयरपोर्ट के लिए 146 हेक्टेयर जगह को चिन्हित किया गया है.
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