logo_banner
Breaking
  • ⁕ वर्धमान नगर- डिप्टी सिग्नल "बहरीन बाई सोनबोइर" फ्लाईओवर जनता को समर्पित, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया उद्घाटन ⁕
  • ⁕ Gondia: सखी वन स्टॉप सेंटर की तत्परता: बिहार और भुसावल की दो लापता महिलाएं सकुशल पहुंचीं घर ⁕
  • ⁕ Chandrapur: ड्रग्स मुक्त बनाने की ओर बड़ा कदम: पुलिस ने नष्ट किया 66 लाख रुपये का मादक पदार्थ ⁕
  • ⁕ Nagpur: कोथुलना के पास लहसुन से भरा ट्रक पलटा, दो गंभीर रूप से घायल; स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग ⁕
  • ⁕ Nagpur: आर्थिक अनियमितता के मामले में बड़ी कार्रवाई: अरोली की सरपंच रोशनी भुरे अपात्र घोषित, अपर आयुक्त का फैसला ⁕
  • ⁕ Bhandara: तुमसर में सफाई कर्मचारियों ने मुख्याधिकारी की गाड़ी घेरी, आमरण अनशन शुरू ⁕
  • ⁕ रिश्ते शर्मसार: मां दूध लेने गई बाहर, कलयुगी पिता ने अकेली नाबालिग बेटी से की अश्लील हरकत; विरोध करने पर पीटा, गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Gadchiroli

आदिवासी जिले से देश की आदिवासी राष्ट्रपति ने देश को दिया संदेश, आदिवासियों से सीखें प्रकृति के अनुकूल जीवन जीना


गडचिरोली: महाराष्ट्र आदिवासी बहुल जिले गडचिरोली के गोंड़वाना विश्वविद्यालय के 10 वें दीक्षांत समारोह में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल हुई.इस दौरान विद्यार्थियों को दिए गए अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कई अहम विषयों की चर्चा की अपने भाषण में उन्होंने न केवल शिक्षा बल्कि जीवन जीने की कला की भी सीख दी.महाराष्ट्र के आदिवासी बहुल जिले गडचिरोली से देश की पहली महिला राष्ट्रपति ने देश को सन्देश दिया की ये आदिवासी ही है जो प्रकृति के अनुकूल जीवन जीने की सीख देते है.देश के कुछ आदिवासियों की जीवन शैली हर किसी के लिए सीख है की वो अपने जीवन को किस तरह से जिए। राष्ट्रपति ने कहा की वो समय-समय पर आदिवासियों के साथ चर्चा करती है इस चर्चा से एक ही बात निकल कर सामने आती है की आदिवासी भी आगे बढ़ाना चाहते है.समाज के विकास के लिए और जनजातियों और पिछड़े समुदाय के विकास के लिए शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है.राष्ट्रपति ने कहा की मुझे ख़ुशी है की गोंडवाना विश्वविद्यालय आदिवासी समुदाय के विकास के लिए काम कर रहा है.आज के दीक्षांत समारोह में 3200 जनजातीय समुदाय के छात्र पदवी हासिल कर रहे है यह ख़ुशी की बात है.विश्वविद्यालय स्थानीय विषयो को प्रधानता देकर उपयोगी विषयों का अध्ययन उपलब्ध करवा रहा है यह ख़ुशी की बात है.ज्ञान विज्ञान के साथ व्यावसायिक कौशल के माध्यम से विद्यार्थियों को सशक्त बनाया जा सकता है.गडचिरोली जिला आज भले ही पिछड़ा जिला हो लेकिन जल्द ही यह देश के सबसे अधिक विकसित जिलों में शुमार होगा ऐसी उम्मीद भी राष्ट्रपति ने व्यक्त की. उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं की हिस्सेदारी की भी जमकर प्रशंसा की उन्होंने कहा की दीक्षांत समारोह में 61% छात्राओं को गोल्ड मेडल मिला है.यह हर्ष की बात है.