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Gadchiroli

रात भर गडचिरोली शहर की सड़कों पर घूमते रहे दो हाथी, वीडियो हुआ वायरल; वन विभाग की उडी नींद


गड़चिरोली: आमतौर पर वनों और गांवों के खेत परिसर में विचरण करने वाले जंगली हाथियों के झुंड से भटके 2 नर हाथियों ने रविवार, 25 मई की तड़के सीधे गड़चिरोली जिला मुख्यालय में प्रवेश किया। तड़के करीब 3.30 बजे इन दोनों हाथियों ने शहर की अंतर्गत सड़कों के साथ धानोरा मार्ग के राष्ट्रीय महामार्ग पर मुक्त संचार किया। इसकी जानकारी मिलते ही नागरिकों समेत वनविभाग की नींद उड़ गई।

वनविभाग के उपवनसंरक्षक मिलीश दत्त शर्मा के मार्गदर्शन में विभाग की टीम ने सुबह होते-होते इन दोनों हाथियों को शहर से खदेड़ने में सफलता पायी। गनीमत यह रहीं कि, रात होने के कारण दोनों हाथियों ने किसी व्यक्ति पर हमला नहीं किया और शहर में किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं किया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीन वर्ष पूर्व ओड़िसा राज्य से छत्तीसगढ़ होते हुए जंगली हाथियों का एक झुंड गड़चिरोली में दाखिल हुआ। शुरूआत में इस झुंड में हाथियों की संख्या करीब 28 थी, जो अब 32 पर पहुंच गयी है। इसी झुंड से 2 नर हाथी भटक गये हैं और हर आये दिन किसी न किसी स्थान पर पहुंचकर उपद्रव मचा रहें है। गत 4 मई को इन दोनों हाथियों ने कुरखेड़ा-धानोरा तहसील के सीमावर्ती इलाके में प्रवेश किया था। शुरूआत में कुरखेड़ा तहसील के वासी-सोनसरी जंगल में इन दोनों हाथियों को देखा गया था।

इसके बाद देलनवाड़ी वन परिक्षेत्र से पोर्ला, गोगांव, साखरा, अमिर्झा, मुरमाड़ी, मौशीखांब, वड़धा परिसर से इन हाथियों ने देसाईगंज तहसील में प्रवेश किया। लेकिन एकाएक इन दोनों हाथियों ने 23 मई की रात गड़चिरोली वनविभाग में प्रवेश किया। रविवार, 25 की रात 3.30 बजे के दौरान हाथियों ने बोदली-माड़ेतुकूम-इंदिरानगर जंगल के रास्ते पोटेगांव मार्ग होते हुए सीधे गड़चिरोली शहर में प्रवेश किया।

शहर के रेड्डी गोदाम परिसर की अंतर्गत सड़कों पर विचरण करने के बाद दोनों हाथी गड़चिरोली-धानोरा राष्ट्रीय महामार्ग पर पहुंचे। जहां से उन्होंने शहर के मुख्य बस डिपो में प्रवेश किया। इस डिपो में रापनि के कर्मचारी मौजूद थे। उन्होंने टॉर्च दिखाकर हाथियों को खदेड़ने के साथ इसकी सूचना वनविभाग को दी। जैसे ही जानकारी मिली उपवनसंरक्षक मिलीश दत्त शर्मा के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र अधिकारी पेंदाम, क्षेत्र सहायक श्रीकांत नवघरे, टास्ट फोर्स के मुख्य नियंत्रक भाऊराव वाढई, अजय कुकुडकर, पंकज फरकाडे, कुनाल निमगडे, मशीद सय्यद की टीम ने हाथियों को खदेड़ने का प्रयास किया।

दोनों हाथियों ने बस डिपो से पलायन करते समय राष्ट्रीय महामार्ग से विचरण करते हुए इंदिरानगर और बाद में जंगल के रास्ते चांदाला की ओर विचरण शुरू िकया। रात होने के कारण दोनों हाथियों ने किसी भी प्रकार के नुकसान की घटना को अंजाम नहीं दिया। वनविभाग के अनुसार वर्तमान में दोनों हाथी चांदाला वनक्षेत्र में मौजूद है। उधर हाथियों का मुख्य झुंड इन दिनों कुरखेड़ा तहसील के भगवानपुर वनक्षेत्र में मौजूद होने की जानकारी मिली है।